पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने गिनायी ग्राम पंचायतों की उपलब्धियां

 

झारखंड में ग्राम पंचायतों का रिपोर्ट कार्ड जारी 

बी राजेश्वरी ने बताया पंचायतों का हाल 

टीम एबीएन, रांची। केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को रांची के बीएनआर होटल में पंचायती राज सूचकांक विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए। 

कार्यशाला के दौरान पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी. ने प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़ा पूरा डाटा प्रस्तुत किया और विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में पहली बार पंचायत उन्नति सूचकांक की बेसलाइन रिपोर्ट जारी की गई है, जो राज्य के साक्ष्य आधारित ग्रामीण विकास को दिशा देने में मददगार साबित हो रही है। 

राज्य के 4345 मान्यता प्राप्त पंचायतों में से 4281 पंचायतों ने अपने आंकड़ों की प्रविष्टि इस सूचकांक में सुनिश्चित की। इन पंचायतों में से 7% को 60-75% स्कोर के साथ प्रदर्शनकर्ता, 57% को 40-60% स्कोर के साथ आकांक्षी, जबकि 36% को 0-40% स्कोर के साथ प्रारंभकर्ता के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 

राज्य सरकार का कहना है कि सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर लागू करने और जमीनी शासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी यह सूचकांक देशभर की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रगति को मापने वाला एक परिवर्तनकारी उपकरण बन रहा है। यह स्थानीयकृत एसडीजी के नौ प्रमुख विषयों गरीबी, स्वास्थ्य, बाल अधिकार, जल उपलब्धता, स्वच्छता, आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण पर पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है। 

जिलेवार प्रदर्शन में लोहरदगा ने 59.37% स्कोर के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद खूंटी (59.27%), पश्चिमी सिंहभूम (56.48%), धनबाद (54.15%) और जामताड़ा (53.91%) का स्थान रहा। विषयवार विश्लेषण में स्वस्थ पंचायत थीम के अंतर्गत झारखंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसमें 96 पंचायतों (2.24%) ने पूर्ण लक्ष्य हासिल किए, जबकि 1230 (28.73%) अग्रणी, 2520 (58.86%) प्रदर्शनकर्ता, 382 (8.92%) आकांक्षी और 53 (1.24%) पंचायतें शुरूआतकर्ता के रूप में सामने आयी। 

प्रखंड स्तर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले का मंझगांव प्रखंड 65.28% स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि पाकुड़ का पाकुड़िया प्रखंड (64.14%) और कुमारडुंगी प्रखंड (63.26%) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। ग्राम पंचायत स्तर पर कोटगढ़ (नोआमुंडी, पश्चिमी सिंहभूम) ने 68.08% स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद चिलारा (पथरगामा, गोड्डा) ने 67.92% और राजपोखर (पाकुड़िया, पाकुड़) ने 67.53% स्कोर के साथ क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।

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