एबीएन डेस्क। चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले (आरसी 47ए/96) में फैसला आने में एक कदम दूर है। तीन आरोपियों की ओर से बहस पूरी होते ही फैसले की तारीख अदालत निर्धारित कर देगी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत मुकदमे का सामना करे रहे आरोपियों को नये साल में कोर्ट खुलते ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हालांकि आरोपियों को व्यक्तिगत उपस्थिति की जगह अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की छूट है। वर्तमान में मामले में 102 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इसमें से लालू प्रसाद समेत 99 आरोपियों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। बाकी तीन आरोपियों की ओर से तीन-चार जनवरी को बहस की जाएगी। जानकारी के अनुसार बहस पूरी करा चुके एक-दो आरोपियों की मौत की सूचना है। लेकिन उन आरोपियों के मृत्यु प्रमाणपत्र अदालत तक नहीं पहुंचा है। मामले में फैसला का समय निकट है। इसको देखते हुए सुनवाई कर रही विशेष अदालत वर्तमान समय में मुकदमे का सामना कर रहे आरोपियों की सही संख्या जानने को लेकर उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया है। बता दें कि डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की कपट पूर्ण निकासी से जुड़े मामले में बड़े राजनीतिज्ञ लालू प्रसाद, जगदीश शर्मा, डॉ. आरके शर्मा, ध्रुव भगत, पांच बड़े ब्यूरोक्रेट, 30 पशु चिकित्सक, छह एकाउंट के व 56 आपूर्तिकर्ता शामिल हैं।
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