रांची : सदर अस्पताल में लोगों ने ली तम्बाकू उपयोग नहीं करने की शपथ

 

टीम एबीएन, रांची। आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल सभागार रांची में तम्बाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड अबु इमरान शामिल हुए साथ ही कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, जोनल डायरेक्टर राणा प्रताप यादव से डॉ संजय मुंडा, डॉ ब्रजेश कुमार, राज्य स्तर से डॉ लाल मांझी राज्य नोडल पदाधिकारी, डॉ बिरेन्द्र प्रसाद, डॉ पंकज कुमार, क्स्व् से डॉ सीमा गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक शामिल हुए। 

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवल के साथ हुई उसके बाद अबु इमरान (अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड) ने कहा कि हमारे देश में हर वर्ष तकरीबन 3500 लोगो की मृत्यु तम्बाकू की सेवन से होती है। तम्बाकू के सेवन करने वाले व्यक्ति में बहुत से गम्भीर बिमारी होने की संभावना होती हैं साथ ही उनकी औसत आयु 40 से 50 वर्ष तक की होती हैं जो अत्यंत चिंता का विषय हैं। आज सबसे ज्यादा युवा वर्ग तम्बाकु सेवन के चपेट में आ रहे है। 

आज युवा वर्ग में तरह-तरह के नये तंबाकू पदार्थ एवं मशीन जैसे- ई सीगरेट, हुका, वेपिंग इत्यादि का प्रचलन बढ़ गया है जो स्वास्थ्य पर बहुत ही नाकरात्मक प्रभाव डालता हैं। लोगो को धीरे-धीरे नशे की लत लगती है और फेफडे को नुकसान होने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्या पैदा होती हैं। हमें किसी भी तरह का तम्बाकू का सेवन नही करना चाहिए और नशा मुक्त समाज बनाना चाहिए। 

हमारे राज्य में अभी भी बहुत सारे जगहो पर अवैध रूप में अफीम एवं अन्य नशा युक्त पदार्थ की खेती की जाती है जिसे बंद करना जरूरी हैं। लोगो को नशे की लत लगने से वे गैर-सामाजिक हो जाते है और उनका जीवन बर्बाद हो जाता है। मुख्य मंत्री गम्भीर बीमारी योजना, आयुष्मान योजना इत्यादि के अन्तर्गत जो भी मरीज आते है उनमें किडनी फेलियर, लिवर फेलियर, फेफड़े एवं सांस से संबंधित रोग से ग्रसित मरीज ज्यादा आते हैं जिसका एक कारण अत्याधिक नशा करना है। 

तम्बाकू एंव नशो का सेवन सिर्फ एक व्यक्ति को ही नही बल्कि किसी ना किसी रूप में उसके पूरे परिवार को भी तबाह कर देता हैं इसलिए तम्बाकू से होने वाले खतरे एवं स्वाास्थ्य संबंधी परिशानी एवं बिमारी के प्रति लोगो को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
हम सब को मिलकर यह सकंल्प लेना चाहिए कि हम सभी तम्बाकू का सेवन छोड़े ताकि अगले वर्ष तक इससे होने वाली मृत्यु दर में भी कमी आ सके।  

कार्यक्रम में अबु इमरान (अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के द्वारा तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर जागरूकता रथ को हरि झंडी दिखा कर रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ आज से एक महीने तक रांची जिला अन्तर्गत सभी शहरी क्षेत्र एंव प्रखण्ड में चलाया जायेगा और इसके माध्यम से लोगो को तम्बाकू का सेवन नही करने एवं इसे होने वाले दुष्प्रभाव को लेकर जागरूक किया जायेगा।

सिविल सर्जन, रांची डॉ॰ प्रभात कुमार ने कहा कि  आज हर महीना तकरीबन देश भर में 1,15,000 मरीज की मौत तम्बाकू के सेवन से हो रही हैं। यदि घर के कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु नशे के सेवन से होती है तो परिवार वालों को परिवार के भरण-पोषण में काफी परेशानी होती हैं इसलिए हर व्यक्ति को तम्बाकू का निषेध करना चाहिए। हमारे सदर अस्पताल में ज्वइंबबव ब्मेंजपवद ब्मदजमतम  (तम्बाकू मुक्ति केन्द्र) हैं जहां लोगो के तम्बाकू के सेवन की लत को छुड़ाया जाता हैं। परन्तु जिन्हे भी इसकी आदत नही है उनसे अपील है कि वे कभी भी इसका उपयोग नही करे क्योकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और इसका अत्याधिक उपयोग जानलेवा है।

जितने भी तम्बाकू पदार्थ है उनके पैकिजिंग भी काफी आकर्षक होती है जिससे युवा वर्ग इसके तरफ आकिर्षत होकर इसका उपयोग करते है। हम स्कूल एवं कॉलेज में तम्बाकू का उपयोग नही करने एवं इसके हानिकारक प्रभाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम करते हैं और युवा वर्ग को तम्बाकू का उपयोग नही करने को लेकर जागरूक करते हैं। आने वाले दिनों में हम स्कूल कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ इन विषयो पर बैठक करेंगे एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम की भी उन्हें जानकारी देंगे ताकि युवा वर्ग नशे की चपेट में ना आ सके। 

तम्बाकू के सेवन से धीरे-धीरे व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए हमें नशा मुक्त झारखण्ड एवं भारत बनाने में सबका सहयोग चाहिए एवं सभी से अनुरोध है कि वे धीरे-धीरे तम्बाकू का सेवन पूरी तरह से बंद करे ताकि नशा मुक्त झारखण्ड एवं भारत का निर्माण हो सके। वहीं आज सदर अस्पताल परिसर में तम्बाकू निषेध को लेकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करते हुए लोगो को जागरूक भी किया गया एवं स्कूल कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा तम्बाकू के हानिकारक प्रभाव को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई।  

इस वर्ष विश्व तम्बाकू निषेध दिवस का थीम हैं -अनमास्किंग द अपील: तम्बाकू और निकोटीन उतपादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना हैं.  आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्धेश्य लोगो को तम्बाकू सेवन के हानिकारक प्रभाव के बारे में जागरूक करना और उन्हें तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना हैं साथ ही इसके सेवन से होने वाले बिमारियों एवं मृत्यु को रोकना हैं। 

बता दे कि हमारे देश में लगभग 27 प्रतिशत वयस्क आबांदी किसी ना किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करती हैं। आज के कार्यशाला में जोनल डायरेक्टर राणा प्रताप यादव के द्वारा कार्यशाला में शामिल हुए चिकित्सक एवं छात्र-छात्राओं को तम्बाकू एवं ड्रग के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक प्रभाव एंव इसे होने वाले मौत पर लोगो को जागरूक किया गया साथ ही तम्बाकू एंव ड्रग्स की आदत छोड़ने को लेकर प्रोत्साहित किया गया। 

आज के कार्यशाला में तम्बाकू सेवन एवं दुष्प्रभाव पर बनी जागरूकता फिल्म लोगो को दिखाई गई एवं राज्य से आये हुए नोडल पदाधिकारियों एवं जिला स्तरीय चिकित्सको के द्वारा लोगो को तम्बाकू के हानिकारक प्रभाव एवं इसका उपयोग नही करने हेतु बताया गया साथ ही तम्बाकू से होने वाली गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, फेफड़े की बीमारी, हदय रोग एवं स्ट्रोक के बारे में जागरूक किया गया और लोगो को तम्बाकू की लत को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया एवं एक तम्बाकू मुक्त समाज बनाने को लेकर जोर दिया गया। 

तम्बाकू के सेवन से महिलाओं एवं पुरूषों के प्रजनन तंत्र पर भी नाकारात्मक प्रभाव पड़ता जिससे महिलाओं में गर्भ धारण में कठिनाई होती है साथ ही गर्भपात का भी खतरा बढ़ जाता है। आज कार्यशाला के दौरान सभी लोगो को तम्बाकू का सेवन नही करने को लेकर शपथ दिलायी गयी। आज के कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीन कुमार, सुशांत कुमार समेत स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।

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