टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स निदेशक की बर्खास्तगी पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि विगत दिनों हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार का विरोध करने तथा अनुचित भुगतान के आदेश को न मानने के कारण डॉ राजकुमार को रिम्स निदेशक पद से हटाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
मरांडी ने कहा कि जानकारी मिली है कि शासी परिषद की हालिया बैठक में निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों को बिना किसी अनुबंध के करोड़ों रुपये का भुगतान करने का दबाव स्वयं स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय सचिव द्वारा रिम्स निदेशक पर डाला जा रहा था। इस दौरान विभागीय सचिव ने शासी परिषद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने की कोशिश की।
अनुचित भुगतान का दवाब नहीं मानने के साथ ही निदेशक ने उस बैठक में अपने इस्तीफा तक दे देने की बात कह दी थी।
मरांडी ने कहा कि अब सरकार ने रिम्स निदेशक को पद से हटाकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है कि रिम्स में भ्रष्टाचार का खेल यूं ही चलता रहेगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले कार्यकाल में भी अनुचित दवाब नहीं मानने के चलते रिम्स के कई निदेशकों को समय पूर्व इस्तीफा देकर यहां से जाना पड़ा। यदि सरकार को गवर्निंग बॉडी की सलाह नहीं माननी, तो फिर औपचारिकता की बैठक करने से बेहतर इसे भंग कर देना ही उचित होगा। मरांडी ने कहा कि अत्यंत दुखद है कि हेमंत सोरेन ने राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स को अपने संगठित भ्रष्टाचार का केन्द्र बना दिया है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse