टीम एबीएन, रांची। झारखंड के प्रमुख राजनीतिक दल झामुमो का 13वां महाधिवेशन आज से प्रारंभ हुआ, जो कल तक चलेगा। इस महाधिवेशन में पूरे झारखंड से झामुमो के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे हैं।
खास बात यह है कि झारखंड के साथ-साथ महाधिवेशन में 8 से अधिक राज्यों से, जहां पार्टी कार्य कर रही है, 3500 से अधिक प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। महाधिवेशन की शुरुआत पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन द्वारा की गई, जो झारखंड को अलग राज्य बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रसिद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी मां रूपी सोरेन और धर्मपत्नी कल्पना सोरेन भी उपस्थित थीं।
महाधिवेशन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा आंदोलन से उपजी हुई पार्टी है। झारखंड को बिहार से अलग करने के लिए झामुमो का गठन किया गया था। गुरुजी (शिबू सोरेन) के नेतृत्व में जब आंदोलन की रूपरेखा तैयार हो रही थी, तब झारखंड के विभिन्न इलाकों से लोग बड़ी संख्या में इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए आते थे।
गुरुजी के साथ कई लोगों ने अपना सब कुछ बलिदान किया। त्याग और समर्पण के माध्यम से झारखंड को एक अलग राज्य के रूप में पहचान मिली, लेकिन हमें यह स्वीकार करना दुखद है कि झारखंड कई वर्षों तक उन लोगों के हाथों में रहा जिनका आदिवासियों और मूलनिवासियों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने सिर्फ झारखंड को लूटने का काम किया।
कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे, केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य, सांसद विजय हांसदा, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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