टीम एबीएन, रांची। साप्ताहिक सत्संग दिवस गुरुवार को गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा की साधना कक्ष में महिला मंडल प्रतिनिधित्व में महिला सदस्यों ने गायत्री महामंत्र का 108 मिनट का समूह अखंड जप किया। जप उपरान्त प्रज्ञागीत का गायन-वादन व भजन-कीर्तन किया।
तत्पश्चात पूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की अखंड ज्योति मासिक पत्रिका के विषय पर सत्संग प्रतिनिधि सदस्या ने पढ़कर संदेश सुनाया कि सतयुग लाती है गायत्री साधना विषय पर गायत्री महामंत्र के युग द्रष्टा ब्रह्मर्षि विश्वामित्र का जिक्र हुआ, जो अपने समय के गायत्री महामंत्र के युग प्रणेता व दिव्य द्रष्टा थे ,उनके अलौकिक अनुभव, सिद्धि एवं महामंत्र से जुड़ी सहस्राधिक साधनाओं का फलस्रुति पर प्रकाश डाला गया।
बताया गया कि नवरात्र साधनाओं का अपना विशिष्ट महत्व होता है। इस दौरान की गायत्री साधना एवं अन्य शक्ति साधनाएं अपने चरम अनुदानों से ओत-प्रोत कर देती हैं। गायत्री साधना की महत्वपूर्ण महिमा पर संदेश दिया कि की जाने वाली साधनाओं के निर्धारित प्रातःकाल मुहुर्त में और अन्य समयानुसार उत्तम संध्याकाल, मध्यम संध्याकाल और कनिष्ठ संध्याकाल की फलश्रुति पर बताया गया।
इसमें महर्षि विश्वामित्र की उल्लिखित कथन को भी बताया गया कि उनकी उल्लिखित कथन व दिव्य दृष्टि के अनुसार गायत्री की विशिष्ट साधना समय पर धरती पर सत्ययुगी परिस्थितियां अवश्य विनिर्मित व विस्तारित होंगी और कलियुग का समापन और सतयुग का आगमन इसी से होगा। अंत में शांतिपाठ व सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन व उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ व हमारा युग निर्माण सत्संकल्प पूर्ण हो, पूर्ण हो सहित कई जयघोष हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ-साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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