एबीएन सेंट्रल डेस्क। वर्ल्ड योगासन के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के मार्गदर्शन में वर्ल्ड योगासन के महासचिव डॉ जयदीप आर्य तथा एशियन योगासन के अध्यक्ष डॉ संजय मालपानी जी, महासचिव उमंग डॉन, योगासन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित सेठ एवं कोषाध्यक्ष रचित कौशिक ने डॉ पीटी उषा के योगासन खेल को एशिया ओलिंपिक परिषद् में सम्मिलित करने के प्रस्ताव का हृदय से स्वागत किया।
मौके पर उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री, खेल मंत्री, आयुष सचिव, खेल सचिव एवं भारतीय खेल प्राधिकरण के माननीय महानिदेशक का भी अभिनंदन करते हुए उनका आभार ज्ञापन किया कि उन सबके प्रयासों से ही योगासन के खिलाड़ियों को यह अवसर प्राप्त हो रहा है कि उनका खेल अब एशिया और ओलिंपिक की ओर अग्रसर हो गया है।
हम सब 3 लाख योगासन खिलाड़ियों की ओर से और योगासन खेल के सभी कोच, प्रबंधक और अभिभावकों की ओर से भारत सरकार का अभिनंदन करते हैं। विशेषत: भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्षा और ओलिंपिक संघ, भारत का अभिनंदन और धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। डॉ पीटी उषा भारत की एक जानी-मानी धाविका हैं। साथ ही शिरोमणि संस्था भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने गोवा में आयोजित हुए 37वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान योगासन प्रतियोगिता को देखते हुए यह आश्वासन दिया था कि वह योगासन खेल को एशियाई पटल पर स्थापित करने के लिए प्रयास करेंगीं। इसी क्रम में भारतीय ओलंपिक संघ ने एशियाई ओलंपिक परिषद् में योगासन खेल को सम्मिलित करने के प्रस्ताव हेतु वर्ल्ड योगासन एवं योगासन भारत के महासचिव डॉ जयदीप आर्य ने स्वागत किया।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी उषा ने आज एशियाई खेलों के कार्यक्रम में योगासन खेल को शामिल करने की जोरदार वकालत की। एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष राजा रणधीर सिंह को एक भावपूर्ण पत्र में उन्होंने एशियाई खेल समुदाय से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले प्राचीन भारतीय अनुशासन को शामिल करने का आग्रह किया।
डॉ उषा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के कारण दुनिया ने योग को अपनाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने 21 जून को 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया और इसकी सार्वभौमिक अपील पर जबरदस्त प्रतिक्रिया रही है। देश भर के लोगों ने योग को अपनाया है और लाभ प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा कि खेल के सबसे बड़े समारोहों में योगासन को शामिल करने के प्रयासों का नेतृत्व करना भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- मुझे विश्वास है कि योग एवं योगासन के आध्यात्मिक महत्व हैं।
घर और विश्वगुरु के रूप में, भारत एशियाई खेलों और अंतत: ओलंपिक खेलों में भी इस खेल को शामिल करने के लिए अभियान चला सकता है।
उन्होंने इस तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया कि पेरिस में प्रसिद्ध लूव्र संग्रहालय अगले महीने ओलंपिक से पहले आगंतुकों को प्रशिक्षकों के साथ योग सत्र में भाग लेने का मौका देगा। उन्होंने कहा, यह खुशी की बात है कि लूव्र योग का स्वागत कर रहा है। एशियाई खेलों और ओलंपिक खेलों में इसे शामिल कराकर इस खेल को पहचान दिलाना हमारी जिम्मेदारी है।
आईओए अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया एशियाई खेलों में योगासन के लिए मामला बनाने के विचार के लिए बहुत प्रोत्साहित और सराहना कर रहे थे। डॉ उषा ने कहा, उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें लगता है कि एशियाई खेलों में शामिल किया जाना इस खेल को ओलंपिक में ले जाने की दिशा में पहला कदम होगा। हमें अपने स्वदेशी खेल को ऐसे मंचों पर लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, एक खेल के रूप में योगासन प्रसारकों के लिए एक बहुत ही आकर्षक प्रस्ताव हो सकता है। योगासन खेलो इंडिया गेम्स का एक हिस्सा रहा है। इसकी सफलता को देखते हुए, गोवा में राष्ट्रीय खेलों के आयोजकों ने मल्लखंभ और योगासन को नेशनल गेम्स में शामिल किया। मुझे यकीन है कि एशियाई ओलंपिक परिषद योगासन खेल को सम्मिलित कर मेरा प्रस्ताव स्वीकार करते हुए भारत की इस खेल विधा को सम्मान देगी।
इस बड़ी उपलब्धि पर झारखंड योगासन स्पॉट संगठन के अध्यक्ष संजय सिंह महासचिव विपिन कुमार पांडे कोषाध्यक्ष मनोज तिवारी सरस्वती सुधा झा राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने एवं जिला कमेटी के सभी सदस्यों ने बधाई दी एवं झारखंड में भी इस खेल को अब और नई पहचान और नया मुकाम मिलेगा। इसी भावना के साथ राजा स्तरीय योग एक्सीलेंस सेंटर स्थापना का संकल्प लिया गया।
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