एबीएन डेस्क। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया में चिंता पैदा कर दी है। कई देशों में नए वैरिएंट की वजह से संक्रमण की लहर दस्तक दे चुकी है या फिर उसके मुहाने पर खड़ी है। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को कहा कि ओमिक्रॉन के मामले डेढ़ से तीन दिन में दोगुने हो रहे हैं, खासतौर पर स्थानीय प्रसार वाले क्षेत्रों में। इसके साथ ही दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड 19 के नए ओमिक्रॉन स्वरूप की पुष्टि होने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे फैलने से रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देश ठोस स्वास्थ्य एवं सामाजिक उपायों से ओमिक्रॉन को फैलने से रोक सकते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, हमारा ध्यान सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहना चाहिए। तीन अहम सवालों पर आधारित है ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा : ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा तीन अहम सवालों पर आधारित है – उसका प्रसार, टीके इसके खिलाफ कितनी अच्छी सुरक्षा प्रदान करते हैं और अन्य स्वरूपों की तुलना में ओमीक्रोन स्वरूप कितना संक्रामक है अभी तक हम यह जानते हैं कि डेल्टा स्वरूप के मुकाबले ओमिक्रॉन अधिक तेजी से फैलता दिखाई देता है. डेल्टा स्वरूप के कारण पिछले कई महीनों में दुनियाभर में संक्रमण के मामले बढ़े हैं। डब्ल्यूएचओ अधिकारी ने कहा, हमें आगामी हफ्तों में और सूचना मिलने की संभावना है। ओमिक्रॉन को हल्का मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इससे ज्यादा गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ते, तब भी बड़ी संख्या में मामले एक बार फिर स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अत: आईसीयू बिस्तर, ऑक्सीजन की उपलब्धता, पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल कर्मी समेत स्वास्थ्य देखभाल क्षमता की समीक्षा करने तथा इसे सभी स्तरों पर मजबूत करने की आवश्यकता है।
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