एबीएन डेस्क। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या भारत में 100 को पार कर गई है। इस बीच भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नया वैरिएंट कम घातक हो सकता है लेकिन इसकी उच्च संक्रामकता दर चिंता खड़ी कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश को कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बूस्टर डोज लगवाने पर भी जोर दिया है और लोगों को कोरोना संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि प्रशासन को इस समय पैनी नजर रखनी होगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने होंगे। पीएसआरआई हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन के पल्मोनोलॉजी के चेयरमैन डॉ. जीसी खिलनानी ने कहा, हमने देखा है कि कोविड-19 पश्चिमी यूरोप में फैलने के 3-4 महीनों के बाद भारत में फैलता है। इसलिए हमें कोरोना की दूसरी लहर के समय की तरह ही सतर्क रहना होगा। समय के साथ वैक्सीनेशन से मिली प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इस समय हमने कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए कहा है। उन्होंने आगे कहा, अभी तक के सबूतों के आधार पर पता चलता है कि नया वैरिएंट कई गुना तेज गति से फैल रहा है लेकिन भारत में इसके मामलों में लक्षण मध्यम हैं। महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग हॉस्पिटल में गायनाकोलॉजी वर्धमा और ओबेस्ट्रेटिक्स विभाग में कोरोना की नोडल ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शीबा मारवा ने एएनआई को बताया, हालांकि इस वैरिएंट में लक्षण पहले की तुलना में कमजोर पाए गए हैं लेकिन लगभग 70 गुना तेजी से संक्रमण फैलना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि दो डोज लगवा चुके लोगों को भी शिकार बनाने की इसकी क्षमता को देखते हुए लगता है कि तीसरी लहर आ सकती है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse