कोडरमा। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोडरमा में कुष्ठ संबंधित कार्यशाला और कुष्ठ एवं फ्लेरिया से पीड़ित विकलांग मरीजों का सेल्फ केयर प्रशिक्षण का आयोजन जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ रमण कुमार की अध्यक्षता में की गयी। कोडरमा जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र डोमचांच से 11 मरीज आये थे, जिसमें 9 कुष्ठ से विकलांग एवं 2 फ्लेरिया से थे। इस कार्यशाला में मरीजों का सेल्फ केयर का अभ्यास कराया गया एवं उन्हें सेल्फ केयर किट, सहायक सामग्री, एमसीआऱ चप्पल दिया गया। डॉ रमण ने बताया कि जो व्यक्ति पूर्व में कुष्ठ से ग्रसित हुए थे, उनमें इलाज के बाद या इलाज के दौरान विकलांग होने का खतरा बना रहता है। जिससे बचाव हेतु कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक है। जिनके हाथ या पैर में विकलांगता है, उन्हें दिन में 2 बार 15 से 20 मिनट तक पानी में डुबाकर रखना है। फिर भींगे हुए अंग को रगड़ के साफ करना है। उसके बाद भींगे हुए ही तेल लगा लें ताकि हाथ और पैर में घाब नहीं ही सके एवं मरीजों को विकलांग होने से बचाया जा सके। इस कार्यशाला सह सेल्फ केयर प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ अनिल कुमार, डॉ फरहाना महफूज, डॉ सोमेश, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक मो मोनाजिर अहसान, फिजियोथेरेपिस्ट राजीव रंजन, काशीनाथ चक्रवर्ती एनएलआर झारखण्ड, अचिकित्सा सहायक सुनील कुमार, अरुण कुमार एवं सहिया संगीता विश्वास, रानी कुमारी मौजूद थे।
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