टीम एबीएन, रांची। झारखंड में ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार (13 फरवरी) को राजधानी रांची के कुछ इलाकों में ईडी की टीम छापेमारी करने पहुंची है। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम कोकर और अशोक नगर इलाके में छापामारी कर रही है। कोकर के अयोध्यापुरी में जमीन कारोबारी रमेश गोप के यहां ईडी की टीम ने छापा मारा है।
रमेश गोप, बड़गाईं अंचल के सीआई भानु प्रताप प्रसाद के करीबी बताये जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके अलाव जिन लोगों के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है, वे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अभिषेक प्रसाद के करीबी हैं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि ईडी की टीम जमीन घोटाला की जांच के लिए निकली है। मालूम हो कि जमीन घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के जिस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गिरफ्तार किया गया है, वह जमीन बड़गाई अंचल की ही है। बड़गाई अंचल की 8.5 एकड़ जमीन मामले में पूर्व सीएम हेमंत सोरेन गिरफ्तार किया गया है। हेमंत सोरेन अभी ईडी की गिरफ्त में हैं।
बड़गाईं अंचल की 8.5 एकड़ जमीन मामले में राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद भी ईडी की गिरफ्त में हैं। भानु ईडी की रिमांड पर हैं उनसे भी पूछताछ जारी है। आज (13 फरवरी) भानु प्रताप की रिमांड अवधि खत्म हो रही है। आज उन्हें पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ईडी उनकी रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। उल्लेखनीय है कि भानु के घर पर ईडी की छापेमारी और उसके मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर ईडी ने तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन, भानु प्रताप प्रसाद सहित अन्य को आरोपी बताते हुए मामला दर्ज किया था। इसी मामले में तीन फरवरी से हेमंत सोरेन से ईडी अपने कार्यालय में पूछताछ कर रही है।
ईडी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आर्किटेक्ट विनोद सिंह के बीच वाट्सएप चैट के सबूत मिले हैं। रिमांड पिटिशन में ईडी ने इस बात का भी जिक्र किया कि बड़गाई अंचल की विवादित 8.5 एकड़ जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना थी।
मालूम हो कि झारखंड के आईएएस छवि रंजन गिरफ्तार बड़गाईं अंचल की जमीन मामले में ही गिरफ्तार हुए हैं। उन्हें 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। फिलहाल वे जेल में बंद हैं। ईडी की जांच में पता चला कि बड़गाईं अंचल में होनेवाली नाजायज कमाई से रांची के तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन को हर महीने दो से ढाई लाख रुपये मिलते थे।
यानी सिर्फ एक अंचल से ही हर साल उन्हें करीब 25 लाख रुपये मिलते थे। उधर, सेना की जमीन और चेशायर होम रोड की जमीन के मामले में हुई जालसाजी में मदद करने के लिए तय रिश्वत की रकम में जमीन दलाल अफसर अली उर्फ अफसू खान ने प्रेम प्रकाश से घूस के एक करोड़ रुपये एडजस्ट कर लिये। अफसर अली के 1.5 करोड़ रुपये प्रेम प्रकाश के पास बकाया थे। जालसाजी कर जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में जारी जांच के दौरान ईडी को इन तथ्यों की जानकारी मिली है।
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