एबीएन हेल्थ डेस्क। झारखंड में लोग अचानक बीमार पड़ रहे हैं। पल-पल बदल रहा मौसम का मिजाज इसकी बड़ी वजह बतायी जा रही है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक सप्ताह में 07 से 18 डिग्री का अंतर देखने को मिल रहा है। दिन में लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है तो सुबह व शाम में तेज ठंड लग रही है। 9 मार्च को अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
गर्मी के कारण लोगों ने स्वेटर का इस्तेमाल करना कम कर दिया है और रात में पंखा चला रहे हैं। इससे सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खरास, कफ जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। एमजीएम और सदर अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक मरीज मौसमी बीमारियों के पहुंच रहे हैं।
शनिवार को एमजीएम ओपीडी के मेडिसिन विभाग में कुल 342 मरीजों ने इलाज कराया, जिसमें आधे से अधिक मरीज मौसमी बीमारियों के थे। वहीं, सदर अस्पताल में 190 लोगों ने मेडिसिन ओपीडी में इलाज कराया, जिसमें 109 मरीज सर्दी-खांसी, बुखार, गले में दर्द, सिर में दर्द जैसी बीमारियों के थे।
एमजीएम अधीक्षक डॉ कुमार ने बताया कि मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। फिलहाल सर्दी-खांसी, जुकाम, वायरल फीवर समेत अन्य सभी तरह की दवा अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। एमजीएम के चिकित्सक डॉ. बलराम झा ने बताया कि अभी रात में पंखा चलाकर सोना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
इससे बच्चों को सर्वाधिक परेशानी हो सकती है। क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। पंखे की हवा से गले में संक्रमण हो सकता है। अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए यह मौसम खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर मार्निंग वॉक के दौरान पर्याप्त कपड़े जरूर पहनें।
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