एबीएन न्यूज नेटवर्क, चक्रधरपुर। गोइलकेरा के सुदूरवर्ती गांव सेरेंगदा में शनिवार को 45वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य की कैबिनेट मंत्री सह स्थानीय विधायक जोबा माझी समेत सैकड़ों लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। झारखंड अलग राज्य के आंदोलन के दौरान 25 नवंबर 1978 को सेरेंगदा में सोमनाथ लोमगा, लुपाबुढ़ और दुबिया होनहागा पुलिस की फायरिंग में शहीद हो गये थे।
श्रद्धांजलि के बाद हाट बाजार मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंत्री जोबा माझी ने कहा कि लंबी लड़ाई और आंदोलन के बाद अलग राज्य बना। जंगल आंदोलन कारियों के संघर्ष की बदौलत वनाधिकार कानून अस्तित्व में आया। अब सरकार गांवों का तेजी से विकास कर शहीदों के सपनों को साकार कर रही है। मौलिक अधिकारों के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
कार्यक्रम को मुंडा जुनास लोमगा, सुखराम कसरा, सत्यानंद लोमगा, राजेश बुढ़, थॉमस मुंडा और पराव लोमगा ने भी संबोधित किया। इससे पहले ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक तरीके से मंत्री समेत अतिथियों का स्वागत किया गया।
मंच पर मंत्री जोबा माझी ने तीनों शहीदों के आश्रित व परिजनों को सम्मानित किया। मौके पर 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष अकबर खान, सदस्य दिनेश गुप्ता, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मनसुख गोप, उपाध्यक्ष दीनू हांसदा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse