टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पूरी क्षमता से बिजली आपूर्ति के लिए 116 ग्रिड सब स्टेशन की जरूरत है। हालांकि, वर्तमान में केवल 53 ही कार्यरत हैं। ग्रिडों द्वारा राज्य में 27455 एमवीए बिजली की जरूरत है। फिलहाल 9885 एमवीए की ही आपूर्ति हो पाती है। राज्य में समुचित तरीके से बिजली आपूर्ति हो सके, इसके लिए झारखंड ऊर्जा संचरण निगम द्वारा तेजी से नये ग्रिड सब स्टेशन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। बताया गया कि 45 नये ग्रिड स्टेशन निर्माणाधीन हैं, जो एक-दो वर्षों में चालू हो जायेंगे। वहीं 18 ग्रिड सब स्टेशन की योजना बनायी जा रही है। बताया गया कि वर्तमान में 3100 मेगावाट तक बिजली की मांग चली जाती है, पर भविष्य में झारखंड में छह हजार मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए ये 116 ग्रिड आपूर्ति करने में सक्षम होंगे।
ऊर्जा संचरण निगम द्वारा बताया गया कि भविष्य में बिजली की मांग को देखते हुए जहां 116 ग्रिड की जरूरत है। वहीं इन ग्रिडों को जोड़ने के लिए 15238 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइन की जरूरत है। वर्तमान में 6507 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइन हैं और 5005 सर्किट किमी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण हो रहा है।
400 केवी का ग्रिड लातेहार, 220 केवी क्षमता के ग्रिड लोहरदगा, जैनामोड़, पतरातू में बन रहे हैं। वहीं 132 केवी क्षमता के ग्रिड इरबा, सिल्ली, अनगड़ा, कोलेबिरा, कुरडेग, गावां, शिकारीपाड़ा, जरमुंडी, अमरापाड़ा, नारायणपुर, सारठ, बरहेट, कुंडहित, चौका, चकुलिया, हंसडीहा, कांड्रा, सुरदा, सुंदरनगर, महुधर, नौडीहा, नगरउंटारी, चैनपुर, रमकंडा, चंदवा, छतरपुर, चंदनकियारी, चतरा, बड़कागांव, सिमरिया, रामगढ़, बरही, बिष्णुगढ़, पेटरवार, हंटरगंज, गोला, दुग्धा, महुदा, निरसा व पुटकी में बनाये जा रहे हैं।
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