भाग्यशाली हूं,भगवान जगन्नाथ की सेवा का अवसर मिलेगा

 

  • ओडिशा के नये राज्यपाल रघुवर दास से बातचीत 

... और क्या बोले रघुवर 

  • केंद्र राज्य संबंध मजबूत बनाने का काम करूंगा 
  • जमशेदपुर में मेरा उत्तराधिकारी पार्टी तय करेगी 
  • पार्टी ने बहुत कुछ दिया, आभारी रहंूगा 
  • यह नया अनुभव है, विधि के अनुसार चलूंगा 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। टाटा स्टील के रोलिंग मिल के एक मजदूर से लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री तक का दायित्व निभा चुके, अपनी स्पष्टवादी राजनीति के लिए पहचाने वाले रघुवर दास को ओडिशा के राज्यपाल बनाये गये हैं। दुर्गापूजा के बाद श्री दास भुवनेश्वर में राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। उन्हें शुभकामनाए देने जमशेदपुर स्थित उनके आवास पर पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रहती है। इसी दौरान उनसे संक्षिप्त बातचीत की।  

सवाल : राजनीति में संवैधानिक पद आमतौर से रिटायरमेंट के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में राज्यपाल के पद को लेकर आपकी क्या मान्यता है? 

जवाब : मैं भाजपा का अनुशासित कार्यकर्ता रहा हूं। पार्टी जो भी काम देती है, उसका मैंने पूरी ताकत से निर्वहन किया है। मैं एक मजदूर था, पार्टी के आर्शीवाद से विधायक बना, मंत्री बना और सीएम के रुप में झारखंड की सेवा का मौका दिया। नये दायित्व मिलने से मैं निजी तौर पर बहुत खुश हूं। इसके लिए पीएम, पार्टी अध्यक्ष, गृहमंत्री सभी का आभारी हूं।  भाजपा सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं करती है। जनता की सेवा, सत्ता एक साधन है,साध्य नहीं है। साध्य है जन कल्याण।  

सवाल : आप हमेशा सक्रिय राजनीति में रहे हैं। आपकी पहचान एक प्रशासनिक मुख्यमंत्री की रही है। अब राज्यपाल के रूप में आप अपनी भूमिका  कैसे देखते हैं।  

जवाब : मैं बहुत ही सौभाग्यशाली हूं कि भगवान जगन्नाथ के क्षेत्र का सेवा का मौका मिला है। एक मजदूर को पार्टी ने जन प्रतिनिधि के रूप में राज्य के विभिन्न विभागों का मंत्रित्व के साथ-साथ 2014-19 तक पांच वर्ष तक सीएम के रूप में झारखंड की सेवा करने का मौका मिला। राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट करता हूं।  यह मेरे राजनीतिक जीवन में एक नया अनुभव है। संवैधानिक पद का अनुभव नहीं था। इससे अब मुझे संवैधानिक पद पर काम करने का अनुभव मिलेगा।  ओड़िशा में ावीन पटनायक जी लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं।वर्षों से जनता की सेवा कर रहे हैं। सरकार के साथ मिल कर काम करेंगे ताकि ओड़िशा विकास की नयी ऊंचाई तक पहुंचे। 

सवाल : जिस विधानसभा क्षेत्र को आपने लंबे समय तक नेतृत्व किया, उस क्षेत्र को किसके हवाले करके जायेंगे। 

जवाब : यह निर्णय हमारी पार्टी करेगी। भाजपा में कोई एक व्यक्ति निर्णय नहीं लेता। हमारी पार्टी कोई वंशवाद की पार्टी, परिवारवाद की पार्टी नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जो भी निर्णय होता है वह सामूहिक नेतृत्व के तहत लिया जाता है। 

सवाल : इधर, कुछ वर्षों से राज्यपाल का पद कई बार विवादों के घेरे में आने लगा है। आप कैसे संतुलन बनायेंगे ? 

जवाब :  निश्चित रुप से जो संवैधानिक दायित्व है। राज्यपाल का पद और उनका दायित्व संविधान में अंकित है, मैं उसका अक्षरत: पालन करुंगा। लक्ष्य एक ही है जनता का सेवा करना। ओड़िशा और झारखंड में काफी समानता है। संस्कृति, बोल-चाल और रहन-सहन झारखंड की तरह ही है। दोनों कभी एक ही राज्य थे।

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