उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में नये क्राफ्ट सेंटर का उद्घाटन

 

  • नये कलाकारों को सही राह दिखाना कला गुरुओं की जिम्मेदारी : समीर कुमार महासेठ
  • कड़ी मेहनत और खुद को तरासते रहने से मिलेगी कामयाबी : संदीप पौण्डरीक

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के क्राफ्ट केंद्र का उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया। उद्घाटन के अवसर पर उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार और भवन निर्माण विभाग के विशेष सचिव मनीष कुमार उपस्थित रहे। 

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार की कला को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने में उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान की विशेष भूमिका है। बिहार का मधुबनी पेंटिंग एथेंस के म्यूजियम में दिखता है तो अमेरिका के बाजार में भी। जापान में तो मधुबनी पेंटिंग पर पूरा संग्रहालय ही है। 

उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान से बिहार की पारंपरिक कलाओं में पारंगत होकर कलाकार देश-विदेश में अपनी पहचान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नए कलाकारों को सही राह दिखाना कला गुरुओं की जिम्मेदारी है। इस संस्थान के छ: मासिक कार्यक्रम में 18 विभिन्न शिल्पों में लगभग 400 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह अपने आप में प्रशंसनीय बात है। 

समर कैंप में भी 700 बच्चों को प्रशिक्षित किया गया। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षित किए गए बच्चे भविष्य के बेहतर कलाकार हैं। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि कला की ट्रेनिंग साधना है। कला साधना पूरी गंभीरता के साथ करनी चाहिए। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण और सुविधाओं का लाभ उठाकर प्रशिक्षु कलाकार अपनी कला को समाज की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार विकसित करें। 

पूरी दुनिया में कला का बाजार विस्तृत हो रहा है। मधुबनी पेंटिंग के साथ-साथ मंजूषा कला, टिकुली कला, बंबू आर्ट, टेराकोटा, सिरामिक, एप्लिक और सुजनी जैसी कलाओं में पारंगत होकर बिहार के युवा न सिर्फ अपने लिए रोजगार की व्यवस्था कर सकते हैं बल्कि कला के क्षेत्र में बड़ा नाम भी कमा सकते हैं। जब कलाकार का नाम होता है तो उनके संस्थान का भी नाम होता है।

कला शैलियां स्कूल के नाम से चलते रहती हैं। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करते रहें। अपने आपको लगातार तरासते रहें। इससे परिपक्वता आयेगी और राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान मिलेगी। इससे पहले सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना के क्राफ्ट केंद्र के निर्माण हेतु 29.90 करोड़ की योजना स्वीकृत है जिसके तहत ब्लॉक 1, ब्लॉक 2 और ब्लॉक 6 बनकर तैयार हो गया है जिसका उद्घाटन किया जा रहा है। 

दो और ब्लॉक का निर्माण जल्दी ही पूरा हो जायेगा। नये भवनों के निर्माण से मधुबनी पेंटिंग, टिकुली आर्ट और दूसरी कलाओं के प्रशिक्षण हेतु बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो गयी हैं। इससे लोकप्रिय कलाओं के लिए निर्धारित सीटों की संख्या को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 

उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में अभी मधुबनी पेंटिंग, टिकुली पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग, पेपर मैसी, टेराकोटा, कशीदाकारी, काष्ठ खिलौना, रंगाई-छपाई, चर्म शिल्प, सुत बुनाई, पाषाण शिल्प, मेटल क्राफ्ट, सिक्की कला, सेरामिक शाखा, वेणु शिल्प, सुजनी शाखा, गुड़िया शाखा और जूट शाखा में प्रशिक्षण की व्यवस्था है। 

क्राफ्ट सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर पर्यवेक्षक बृजेश कुमार सिंह, उद्योग विस्तार पदाधिकारी अरमान अली, मुकेश कुमार, राहुल कुमार सुजीत कुमार आदि मौजूद रहे।

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