टीम एबीएन, लोहरदगा। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र पेशरार प्रखंड अंतर्गत केकरांग गांव में लोहरदगा फॉरेस्ट विभाग की ओर से नवनिर्मित कच्चा बांध पहली ही बारिश में बह गया है। यहां कुछ ही दिन पहले बांध का कार्य पूर्ण किया गया था। जिसमें कार्य के दौरान गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखने के कारण बारिश में बांध बह कर निर्माण में बरती गई अनियमितता की पोल खोल कर रख दी है।
मिली जानकारी के अनुसार यहां वाटर लेवल बढ़ाने एवं जानवरों को पानी पिलाने के लिए कच्चा बांध का निर्माण कराया गया था। साथ ही पेड़ पौधे को भी पानी मिल सके और जंगल हरा भरा रहे। परंतु बांध बहाव होने के बाद जंगल को रक्षा करने वाले ही जंगल से सुखवा लकड़ियों को कटवा कर बांध को बचाने के लिए बांध के किनारे किनारे डाल दिया गया है।
यहां बांध से पेड़ पौधे को पानी उपलब्ध कराना था, जिससे कि पेड़ पौधों का बेहतर ग्रोथ हो। जहां बांध से जंगल को लाभ उठाना था परंतु जंगल से ही लकड़ी काटकर बांध को बचाने के लिए लकड़ियों को डाल दिया गया। मामले पर जिला वन पदाधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि बांध बहाव होने की जानकारी नहीं है और बांध बहाव को रोकने के लिए जंगल से लकड़ी काटकर उपयोग किया गया है तो मामले को जांच करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
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