एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन आज पूर्वाह्न 9 बजे रायपुर, छत्तीसगढ़ के महेश्वरी भवन में पूज्य संत युधिष्ठिर महाराज, पूज्य संत विदेशी लाल, पूज्य संत सीताराम जी महाराज, अचार्य भगवती चंद्र शर्मा, विश्व हिंदू परिषद के पालक अधिकारी भैया जी जोशी, केंद्रीय अध्यक्ष डॉ आर एन सिंह, कार्याध्यक्ष आलोक कुमार, महामंत्री मिलिंद परांडे, उपाध्यक्ष एवं श्री राम जन्म भूमि के महासचिव चंपत राय, उपाध्यक्ष जिवेशवर मिश्र, हुकुम चंद्र सावला, रमेश चंद्र गुप्ता, रमेश जी मोदी, सुशील सर्राफ, ओमप्रकाश सिंगल, उपाध्यक्ष रमेश चंद्र जैन (जर्मनी) सहित कई अधिकारियों के द्वारा भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम जी एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण कर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
पूज्य संत युधिष्ठिर जी महाराज ने कहा- सनातन परंपरा की मजबूती से विश्व-बंधुत्व भाव के जागरण का संदेश देती है। अलगाववाद, उग्रवाद, साम्यवाद, आतंकवाद जो हमारे संस्कृतिक स्मिता को तोड़ रही है, इसे दृढ़ता पूर्वक प्रतिकार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा समाज में संतों की अनुपम गरिमा है, संत यदि गांव की ओर जाता है तो समाज में स्वाभिमान जगता है।
विश्व हिंदू परिषद के संपर्क अधिकारी भैया जी जोशी ने कहा सदैव अच्छे कार्यों को करने में बाधा आती है, सज्जनों को ही कष्ट होती है, कार्य करने वाले को ही कठिनाई होती है, इस बात का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा संपर्क, संवाद, स्नेह व समझ से समाज की हर समस्या को समाधान कर सकते हैं। कार्यकर्ता में आंतरिक शुद्धता, वैचारिक प्रतिबद्धता, सांगठनिक समर्पण एवं सक्रियता से व्यक्ति अनुकरणीय बनता है। सभी कार्यकर्ताओं में शारीरिक, मानसिक, वैचारिक, आर्थिक एवं संगठनात्मक अनुशासन आवश्यक है।
विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने भारत के कानून आयोग को समान नागरिक संहिता के संदर्भ का स्वागत करते हुए कहा इस विषय पर सभी हितधारकों से विचार आमंत्रित किया है। जल्द ही भारतीय समाज के सभी घटकों के सुझाव प्राप्त कर और विचार कर समान नागरिक संहिता लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा संविधान के अनुच्छेद 44 में सभी सरकारों को भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने के लिए निर्देशित करता है।
उन्होंने कहा कि सरला मुद्गल मामले में भारत की सुप्रीम कोर्ट ने जल्द से जल्द यूसीसी लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है। न्यायालय ने भी याद दिलाया है कि अनुच्छेद 51ए के तहत यह सभी नागरिकों का मौलिक कर्तव्य है धार्मिक विविधताओं को पार कर भारत के सभी लोगों के बीच सामंजस्य और आम भाईचारा की भावना को बढ़ावा देना। उल्लेखित है भारत के सभी नागरिक अपराधिक कानून, संपत्ति, अनुबंध और वाणिज्यीक कानूनों सहित आम कानूनों में शासित है।
अत: कोई कारण नहीं है कि परिवार के कानूनों को ही अपवाद के रूप में रखा जाए। उन्होंने कहा धार्मिक समुदाय के व्यक्तिगत कानून महिलाओं के गरिमा, समानता और अन्य अधिकारियों की गरिमा से उल्लंघन करते हैं। बहुविवाह, तलाक और उत्तराधिकारी के बारे में उनके प्रावधान आधुनिक समय से 1400 साल पीछे हैं। इस तरह की प्रथायों से संविधान प्रदत्त महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है।
बैठक में श्री राम जन्मभूमि शिला पूजन के यजमान कामेश्वर चौपाल, पटना क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, चेन्नई क्षेत्र संगठन मंत्री आकरपू केशव राजू, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, झारखंड प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, उत्तर बिहार प्रांत मंत्री राज किशोर सिंह, प्रांत संगठन मंत्री नागेद्र कुमार, दक्षिण बिहार प्रांत मंत्री परशुराम प्रसाद, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन प्रसाद सहित देश के 336 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग ले रहे हैं। उक्त जानकारी विहिप, झारखंड के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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