एबीएन नॉलेज डेस्क। 14 अप्रैल को टाइटैनिक नॉर्थ अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकरा गया था। इस जोरदार टक्कर में जहाज के दो टुकड़े हो गये और यह समुद्र में करीब 4 किलोमीटर गहराई में समा गया।
टाइटैनिक की उम्र अब ज्यादा नहीं बची है
अटलांटिक महासागर में 5 यात्रियों सहित गायब हुई टाइटन पनडुब्बी को लेकर कंपनी की तरफ से बताया गया है कि पनडुब्बी में सवार सभी 5 यात्रियों की मौत हो गयी है। पनडुब्बी का मलबा टाइटेनिक जहाज के पास ही मिला है।
दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पॉपुलर जहाज रहे टाइटेनिक को डूबे करीब 110 साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इसका मलबा 1985 में ही ढूंढ़ लिया गया था। ऐसे में मन में सवाल आता है कि जब जहाज का मलबा ढूंढ़ लिया गया था तो आज तक इसे बाहर क्यों नहीं निकाला गया?
कब डूबा था टाइटैनिक
टाइटैनिक के बारे में आपने काफी पढ़ा और सुना होगा। टाइटैनिक ने अपनी पहली यात्रा ब्रिटेन के साउथैम्पटन बंदरगाह से न्यूयॉर्क के लिए 10 अप्रैल 1912 को शुरू की थी। इसके ठीक 4 दिन बाद यानी 14 अप्रैल को यह नॉर्थ अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकरा गया। इस जोरदार टक्कर में जहाज के दो टुकड़े हो गये और यह समुद्र में करीब 4 किलोमीटर गहराई में समा गय।
1500 लोगों की गयी थी जान
इस त्रासदी में लगभग 15 लोगों की जान गयी। यह उस समय की सबसे बड़ी समुद्री दुर्घटना थी। लगभग 70 सालों तक टाइटैनिक का मलबा समुद्र में 4 किलोमीटर नीचे पढ़ा रहा, जिसे पहली बार 1985 में रोबट बलाड और उनकी टीम ने खोज निकाला था।
मुश्किल है ये काम
जहां जहाज डूबा हुआ है, वहां चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा है। समुद्र की गहराई में तापमान भी 1 डिग्री सेल्सियस है। इन विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए किसी इंसान का इतनी गहराई में जाना और फिर वापस लौट कर आना बहुत जोखिम भरा होता है।
ऐसे में यहां से मलबे को निकाल कर लाना तो बहुत दूर की बात है। समुद्र की गहराई में 4 किलोमीटर नीचे पड़े मलबे को विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए बाहर निकालना लगभग नामुमकिन है।
20-30 साल टिक पायेगा मलबा
विशेषज्ञों के मुताबिक, टाइटैनिक का मलबा समुद्र में अब तेजी से गल रहा है। ऐसे में उसे बाहर निकाल कर भी कोई फायदा नहीं होगा। बताया जाता है कि आने वाले 20 से 30 सालों में टाइटैनिक का मलबा पूरी तरह गल जायेगा और समुद्र के पानी में घुल जायेगा।
समुद्र में पाये जाने वाले बैक्टीरिया टाइटैनिक के लोहे को तेजी से खा रहे हैं, जिस वजह से उसमें जंग लग रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये समुद्री बैक्टीरिया रोजाना लगभग 180 किलो मलवा खा जाते हैं। ऐसे में टाइटैनिक की उम्र अब ज्यादा नहीं बची है, इसलिए इसके मलबे को बाहर निकालना समझदारी नहीं होगी।
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