टीम एबीएन, कोडरमा। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम योगा फॉर वसुधैव कुटुंबकम है और वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को यथार्थ में परिणत करने का सर्वोत्तम साधन योग ही है। केंद्रीय मंत्री ने कोडरमा जिले के पुतो स्थित नवोदय विद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं और स्थानीय गणमान्य लोगों के साथ योगाभ्यास करने से पूर्व अपने संबोधन में ये बातें कहीं।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारतीय सनातन पुरातन ज्ञान परम्परा को वैश्विक स्वीकृति का उत्सव है। जब पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा था, तो योग उम्मीद की एक किरण बना हुआ था। दो वर्ष तक दुनिया भर के देशो में और भारत में भले ही कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ हो, लेकिन योग दिवस के प्रति उत्साह कभी कम नहीं हुआ।
दुनिया के अधिकांश देशों के लिए योग दिवस कोई उनका सदियों पुराना सांस्कृतिक पर्व नहीं है। इस मुश्किल समय में, इतनी परेशानी में लोग इसे भूल सकते थे, इसकी उपेक्षा कर सकते थे। लेकिन इसके विपरीत, लोगों में योग के प्रति उत्साह बढ़ा है, योग से प्रेम बढ़ा है।
भारत के ऋषियों ने, भारत ने जब भी योग की बात की है, तो इसका मतलब केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं रहा है। इसीलिए, योग में फिजिकल हेल्थ के साथ साथ मेंटल हेल्थ पर इतना जोर दिया गया है। योग हमें स्ट्रेस से स्ट्रेंथ और नेगेटिविटी से क्रिएटिविटी का रास्ता दिखाता है। योग हमें अवसाद से उमंग और प्रमाद से प्रसाद तक ले जाता है।
जब भारत ने यूनाइटेड नेशंस में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो उसके पीछे यही भावना थी कि ये योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो। इस दिशा में भारत ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एम योगा ऐप विकसित किया है।
एम योग एप्प को आरंभ करने का मुख्य लक्ष्य है कि लोगों को अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें। यह पूरी तरह से सिक्योर है एवं इसमें योग प्रशिक्षण के विडियोज फिलहाल फ्रेंच, अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है और आने वाले समय में इसे और भाषाओं में आरंभ किया जायेगा।
इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम है : योगा फॉर वसुधैव कुटुम्बकम। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना तो भारत और भारतीयों के संस्कार और व्यवहार में है और योग उसमें मददगार भी है। सबको साथ लेकर चलने वाली मानवता की इस योग यात्रा को हमें ऐसे ही अनवरत आगे बढ़ाना है। कोई भी स्थान हो, कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी आयु हो, हर एक के लिए योग के पास कोई न कोई समाधान जरूर है।
वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पूरे विश्व में तभी व्याप्त होगी जब वैश्विक शांति होगी। वैश्विक शांति का आशय होता है राष्ट्रों के भीतर शांति और यह केवल तभी संभव है जब वहां समाजों के भीतर शांति हो। शांतिमय व्यक्ति ही शांतिपूर्ण परिवार का निर्माण कर सकते हैं और शांतिपूर्ण परिवार मिलकर एक शांतिमय समाज का निर्माण कर सकते हैं।
योग व्यक्तियों, परिवारों, समाजों, राष्ट्रों को सद्भाव और शांति के मार्ग पर ले जाता है और इस तरह दुनिया भर में भी शांति और सद्भाव का माहौल कायम होता है। उन्होंने कहा कि योग को युवाओं के लिए भारत में एक रोजगारपरक कौशल बनाने की जरूरत है। हमें योग शिक्षकों की अंतर्राष्ट्रीय मांग को पूरा करना है। यह तभी संभव हो सकेगा जब योग में विश्व स्तरीय क्षमता मानकों को तैयार किया जाये और युवाओं को योग को कैरियर के विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाये।
इसीलिए योगासन को भारत सरकार द्वारा एक प्रतिस्पर्धी खेलकूद के रूप में घोषित किया गया है ताकि इस प्राचीन अभ्यास को बढ़ावा दिया जा सके और इसके लाभों के बारे में जागरूकता फैलायी जा सके और लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वस्थता में सुधार करने में इसे मददगार बनाया जा सके।
अन्नपूर्णा देवी ने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और अधिक से अधिक लोगों को इस शक्तिशाली जन आंदोलन के साथ जोड़ने की अपील की। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीतेश चंद्रवंशी, जिला महामंत्री राजकुमार यादव, जिला मीडिया प्रभारी मनोज कुमार झुन्नू, आकाश वर्मा, कबिता कुमारी, गोपाल कुमार गुतुल, नरेन्द्र पाल, पप्पू पांडेय, राजेश यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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