उपायुक्त ने की कृषि एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा, दिए जरूरी दिशा-निर्देश

 

  • केसीसी, कृषि ऋण माफी, धान बीज वितरण, पशुधन वितरण में प्रगति की ली जानकारी
  • कृषि व पशुपालन की योजनाओं से किसानों की आय दोगुनी करना सरकार की प्राथमिकता
  • किसानों की पसंद के अनुरूप उन्हें पशुधन योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें : उपायुक्त

टीम एबीएन, जमशेदपुर। उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने कृषि एवं पशुपालन विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में बिंदुवार विभागीय योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की। किसानों के ऋण माफी की अधतन स्थिति, केसीसी, धान बीज वितरण तथा केन्द्रीय योजना/ राज्य योजना के तहत पशुधन विकास योजना में बकरा, सुकर, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट, ब्रायलर कुक्कुट पालन, बत्तख चूजा वितरण में प्रगति एवं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनान्तर्गत दुधारू गाय वितरण की जिले की वस्तुस्थिति से अवगत हुईं। 

उपायुक्त ने कहा कि किसानों को लाभान्वित करने से जुड़ी योजनाओं पर समय से पूर्व तैयारी की जाये। यदि समय से किसानों को लाभ नहीं मिला तो उनकी मेहनत व्यर्थ चली जायेगी। किसानों की पसंद के अनुरूप उन्हें पशुधन योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किये जाने की भी बात कही। बैठक में निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी श्रीमती ज्योत्सना सिंह, डीएसओ श्री राजीव रंजन, डीटीओ श्री दिनेश रंजन, एसओआर श्री दीपू कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी श्री मिथिलेश कालिंदी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ सुरेन्द्र कुमार मौजूद रहे।  

जिला कृषि पदाधकारी ने बताया कि जिले में 44615 ऐसे किसान हैं जिनका ई-केवाईसी किया जाना है, बैंक द्वारा 38778 किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है जिन्हें ऋण माफी का लाभ तत्काल मिल सकेगा, शेष किसानों के ई-केवाईसी का कार्य सभी प्रखंडों में कैम्प मोड में किया जा रहा। वहीं केसीसी में 93,815 के लक्ष्य के विरूद्ध अबतक 1,30,604 किसानों को केसीसी का लाभ दिया जा चुका है। 

केसीसी के माध्यम से कुल 228.88 करोड़ रुपये जिले के किसानों के बीच वितरित किया जायेगा। जिले में 50 फीसदी अनुदानित दर पर धान बीज का वितरण किया जा रहा है। कुल 1474 क्विंटल धान का बीज प्राप्त हुआ है जिसमें 1208 किसानों के बीच लगभग 470 क्विंटल अबतक वितरण का कार्य किया गया है।    

पशुधन योजना का लाभ ले रहे किसान पशुओं की मृत्यु पर क्लेम करें बीमा राशि

उपायुक्त द्वारा पशुपालन पदाधिकारी से लाभुकों को पशुओं के बीमा होने की जानकारी होती है या नहीं तथा वितरण कम क्यों है इसका कारण पूछा गया। पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि सप्लायर द्वारा सप्लाई कम करने के कारण वितरण कम हुआ है, उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल्द से जल्द वितरण सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति करें। 

वितरित किये जा रहे सभी पशुओं का बीमा किया जा रहा है, मृत्यु होने की स्थिति में भ्रमणशील पशु चिकित्सक या प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी को सूचित करते हुए पशु का टैग नंबर एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा करने पर पशु के मूल्य का शत प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान का प्रावधान है। जिले में अबतक केन्द्रीय योजना/ राज्य योजना के तहत पशुधन विकास योजना में कुल स्वीकृत संख्या 1509 के विरूद्ध 227 बकरा, 255 के विरूद्ध 70 सुकर, 128 के विरूद्ध 2 बैकयार्ड लेयर कुक्कुट, 243 के विरूद्ध 10 ब्रायलर कुक्कुट तथा 2920 के स्वीकृत संख्या के विरूद्ध 803 बत्तख चूजा वितरित किया गया है। 

वहीं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनान्तर्गत दो दुधारू गाय वितरण की योजना में 112, पांच दुधारू गाय (मिनी डेयरी) वितरण की योजना में 2 तथा दस दुधारू गाय वितरण की योजना में  5 गायों का वितरण किया गया है।

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