टीम एबीएन, रांची। किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर झारखंड राज्य किसान सभा के द्वारा एचआरडीसी हॉल में राज्य स्तरीय किसान कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने किया।
कन्वेंशन में आधार पत्र पेश करते हुए राज्य महासचिव सुरजीत सिन्हा ने कहा कि स्थानीय नीति के नाम पर बरगलाया जा रहा है, राज्य में जमीन की लूट जारी है। सरकारी जमीन और खनिज की लूट के लिए रास्ता खोल दिया गया है। आरआर पॉलिसी रैयतों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
ऑनलाइन के नाम पर रैयतों की जमीन की हेराफेरी की गयी है। हमें इसके खिलाफ किसानों को संगठित कर व्यापक संघर्ष करना होगा। कन्वेंशन का विधिवत उदघाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के वित्त सचिव कृष्णा प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार की विभाजनकारी फांसीवादी एजेण्डा के माध्यम से वर्गीय एकता को कमजोर कर पूंजीपतियों की सेवा में लगी हुई है।
राज्य के आदिवासियों को ईसाई और गैर ईसाई में विभाजित किया जा रहा है। किसानों के उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है। सभी फसलों के लिए एमएसपी पर कानून बनाने पर मोदी सरकार पिछे हट रही है। निजीकरण के नाम पर देश की सार्वजनिक सम्पत्तियों को कॉरपोरेट के हाथों बेचा जा रहा है। सरकार की इस नीतियों के खिलाफ देशभर में मजदूर किसानों का का संयुक्त आंदोलन तेज होगा।
सीटू झारखंड के सचिव संजय पासवान ने किसान मजदूरों की एकता पर बल दिया। कन्वेंशन में किसान सभा के राज्य कोषाध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार, अशोक शाह, नगड़ी प्रमुख मदुआ कच्छप, देवी सिह पहाड़िया, लखी सोरेन, नीलकंठ सिंह मुण्डा, जहरू लाल मुण्डा, जगदीश महतो, शंकर उरांव, असीम सरकार ने भी अपने विचार रखे।
कन्वेंशन में विस्थापन के सवाल पर 28 जून को राजभवन पर वामदलों के साथ धरना देने, 30 जून को हुल दिवस पर पंचायत स्तर पर भूमि बचाओ आंदोलन तेज करने, त्रिपुरा में भाजपा सरकार के द्वारा वाम मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर किये जा रहे हमले के खिलाफ 20 जून को एकजुटता दिवस का पालन करने, 20 से 30 अगस्त को स्थानीय मुद्दे पर प्रखंड मुख्यालय पर किसान प्रदर्शन करने, 9 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस पर कॉरपोरेट भारत छोड़ो आंदोलन के तहत गांव गांव नुक्कड़ सभा करने, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को जनतंत्र व संविधान बचाने के लिए और सांप्रदायिकता के खिलाफ जनएकता को मजबूत बनाने के लिए संध्याकालीन सभा व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
कन्वेंशन मे दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, कोडरमा, लोहरदगा, गुमला, रांची सहित कई जिलों से चुने हुए लगभग डेढ़ सौ प्रतिनिधि भाग लिये। उक्त जानकारी झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुरजीत सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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