सरना को लेकर समाज में विभेद पैदा करना चाहते हैं स्वार्थी तत्व : डॉ सुखी उरांव

 

  • संघ हिन्दू समाज को बलशाली और वैभवशाली बना रही है : स्वामी भवेशानंद 
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को समाज में समरसता से राष्ट्र निर्माण की बात कही 
  • युवाओं के आशा के अनुरूप स्वामी विवेकानंद के सपनों को संघ साकार कर रही है 
  • भारत हिंदू राष्ट्र है, इसमें संघ को कोई संशय नहीं : रामनवमी 
  • लोहरदगा में आरएसएस का 20 दिवसीय प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग संपन्न 
  • दैनिक शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण कर हिंदू समाज को बलशाली और संगठित बनाना है 
  • प्रशिक्षण में मिले जानकारी को शिक्षार्थी समाज में सिखायें 
  • वर्ग में कुल 244 शिक्षार्थी जो 92 खंडों 39  नगरों 113 मंडल,53 बस्ती के 159 स्थानों से शामिल हुए 

टीम एबीएन, लोहरदगा। अपने समाज को कुछ स्वार्थी तत्व सरना विषय को लेकर विभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये हिंदू समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे देश और समाज विरोधी शक्ति से हमें सचेत रहना चाहिए। उक्त बातें शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोहरदगा के शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित बीस दिवसीय प्रथम वर्ष प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह के अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ सुखी उरांव ने कही। 

बीस दिवसीय इस प्रशिक्षण समापन समारोह के अवसर पर उपस्थित शिक्षार्थियों का उन्होंने आह्वान किया कि जो कठोर प्रशिक्षण आपने प्राप्त किया, वह यहां से जाकर अपने ग्राम और अपने समाज को सिखायें।  

मौके पर मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन रांची के सचिव स्वामी भवेशानंद जी ने कहा कि बीस दिवसीय इस प्रशिक्षण से आपकी कुछ शारीरिक प्रस्तुति स्वामी विवेकानंद जी के सपनों को साकार कर रही है। उन्हें युवाओं से जो आशा थी, उन्होंने इसकी कल्पना की थी। संघ उसे साकार कर हिंदू समाज को बलशाली और वैभवशाली बना रही है। 

मुख्य वक्ता संघ के उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघे शक्ति कलियुगे। इस नाते इस प्रशिक्षण के द्वारा हम अपने को अपने हिंदू समाज को कैसे संगठित कर सकते हैं। इस भाव को यहां हम सबने सीखा है। 

संघ संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना की और संघ व्यक्ति निर्माण के द्वारा भारत को परम वैभव पर ले जाने को प्रतिबद्ध है। हिंदू समाज बलशाली हो संगठित हो इस नाते अपना कार्य दैनिक शाखा के माध्यम से व्यक्ति का निर्माण करना है। हिंदू समाज सतत विदेशियों का मुकाबला भी किया। इस निमित अपना इतिहास संघर्षों का इतिहास रहा है। 

उन्होंने आह्वान किया हम सब एक हों, संगठित हो हम सब श्रेष्ठ हिंदू के नाते एक बने ऐसा भाव हम सभी हिंदू समाज में पुष्ट हों। भारत हिंदू राष्ट्र है। इसमें संघ को किसी प्रकार का संशय नहीं है। सत्ता परिवर्तन का साधन नहीं है। विश्व का कल्याण हिंदू संस्कृति से ही संभव है। 

इस प्रशिक्षण वर्ग में कुल 244 शिक्षार्थी जो 92 खंडों 39  नगरों 113 मंडल,53 बस्ती के 159 स्थानों से उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण वर्ग में पेशे से चिकित्सक, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, अभियंता ब कृषक पेशे के लोग भाग लिया। इसके पूर्व झारखंड के सुदूर क्षेत्र से प्राप्त कर रहे प्रशिक्षार्थी दंड, नियुद्ध, यष्टि, पद, विन्यास, दंडयुध, दंड योग, आसन और व्यायाम का भव्य सामूहिक प्रदर्शन किया। 
 घोष प्रदर्शन के शिक्षार्थियों ने घोष के अनेक ताल, लय का मनमोहक प्रस्तुति किया। 

झारखंड प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग - समापन समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी भवेशानंद, विशिष्ट अतिथि डॉ सुखी उरांव, वर्गाधिकारी सकलदेव, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, प्रांत संघचालक सच्चिदानंद लाल मंच पर उपस्थित थे। शनिवार को इस समापन कार्यक्रम में लोहरदगा के बड़ी संख्या में गणमान्य बंधु -भगिनी सहित प्रांत के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

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