टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज रांची के भूविज्ञान विभाग और कॉलेज के आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में क्यूजीआईएस एवं डीजीपीएस के प्रयोग से नक्शा तैयार करना विषयक दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला का उद्घाटन कॉलेज की प्राचार्य प्रो इलानी पूर्ति ने किया।
मौके पर रिसोर्स पर्सन ग्रीनमार्क नई दिल्ली के निदेशक जेम्स आर टोपनो ने भूविज्ञान विभाग के बच्चों को क्यू जी आई एस और डीजीपीएस की विशेषताओं और उपयोगिता को बताते हुए कहा की यह एक ऐसी विधि है जिसमें उपग्रहों के साथ जीपीएस के माध्यम से स्वयं के लोकेशन को सुस्थापित कर नक्शा तैयार कर सकते हैं।
कार्यशाला में जानकारी दी गई कि सामान्य नक्शा से लेकर तोपोशीट को जिओ रेफरेंसिंग के साथ डिजिटल रूप में परिवर्तित भी कर सकते हैं। साथ ही साथ गूगल अर्थ की प्रायोगिक जानकारी भी दी गयी। मौके पर उपग्रह की सूचनाओं को डिजिटल और एनालॉग रूप में आदान-प्रदान करने के तकनीकों की भी विस्तार से जानकारी दी गयी।
कार्यशाला को सफल बनाने में कॉलेज की कोषाध्यक्ष प्रोफेसर आशारानी केरकेट्टा और सहायक कोषाध्यक्ष प्रोफेसर प्रवीण सुरीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में भू विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमरेश चंद्र मिश्र की सक्रिय भूमिका रही।
मौके पर विभाग के प्रोफेसर सीआर नवल लुगुन, डॉ श्याम लाल सिंह, धनंजय कुमार एवं पीपीके कॉलेज बुंडू की भूविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विनीता श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित थे।
साथ ही कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि प्रोफेसर अमरदीप टोपनो, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ मृदुला खेस्स,मानवशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एसके मुर्मू, भूगोल विभाग की प्रोफेसर डॉ दिव्या रतन कोनगाड़ी, डॉ होली अर्चना कच्छप, डॉ योताम कुल्लू, डॉ कोरनेलियुस मिंज एवं भूगोल तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के पहले तीसरे और छठे सेमेस्टर के के लगभग 70 विद्यार्थी मौजूद थे।
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