टीम एबीएन, गढ़वा। जिले के मेराल प्रखंड के वनखेता गांव में तीन भाइयों ने मिलकर परंपरागत अनाज व सब्जियों की खेती से हटकर अब फूलों की खेती की तरफ अपने कदम बढ़ाये हैं। जिले के मेराल प्रखंड के किसान अरमा कुशवाहा के तीन बेटे रजनीकांत कुशवाहा, रवि कुशवाहा और मिथलेश कुशवाहा ने पहली बार व्यवसायिक दृष्टिकोण से फूलों की खेती प्रारंभ किया है। वे ऐसा करनेवाले प्रखंड के पहले किसान हैं।
गेंदा के फूलों से वे माला बनाकर इसकी बिक्री करते हैं। अरमा कुशवाहा ने करीब 50 डिस्मिल जमीन पर गेंदा फूल की पुषा नारंगी और हजारा वेराईटी लगायी है। उन्होंने शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए जनवरी महीने में फूलों को लगाया था और अप्रैल महीने से ही इसे बेचना शुरू कर दिया है।
गढ़वा में तीन भाइयों की नयी पहल
इससे वे करीब एक महीने के अंदर 35 हजार रुपये तक की आमदनी हासिल कर चुके हैं। जबकि तीन महीने में एक लाख रुपये तक कमाने का लक्ष्य है। इसमें लागत के नाम पर मेहनत व पांच हजार रुपये ही खर्च हुए हैं। इस वजह से अरमा कुशवाहा अगले साल इसे और बृहद पैमाने पर करना चाहते हैं। इस संबंध में रवि कुशवाहा और रजनीकांत ने बताया कि वे परंपरागत रूप से कद्दू, बैंगन आदि की खेती गर्मी के इस मौसम में करते हैं।
फूलों की खेती से किया कमाल
इसमें एक तो मेहनत ज्यादा है और दूसरा इसमें खर्च भी अधिक है। इसकी तुलना में गेंदा फूल को सिर्फ एक बार लगाने में मेहनत है। इसके खरीदार घर तक आते हैं और माला लेकर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे 20-20 माला की एक लड़ी बनाते हैं, इसकी बिक्री 250 रुपये तक की जाती है।
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