एबीएन डेस्क। अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन भी बीजिंग में 2022 को होने वाले शीतकालीन ओलंपिक के बहिष्कार करने के बारे में विचार कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की घोषणा के बाद ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने भी खेलों के राजनयिक बहिष्कार पर विचार की बात कही है। उन्होंने इसके लिए चीन में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन को जिम्मेदार ठहराया है। ब्रिटिश सरकार बीजिंग ओलंपिक में अफसरों को भेजने से रोकने की संभावना पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन ने कहा है कि चीन को टेनिस स्टार पेंग शुआई के ठिकाने के बारे में सत्यापन योग्य सबूत देना चाहिए। गौरतलब है कि चीन की टेनिस स्टार पेंग शुआई ने कम्युनिस्ट पार्टी के एक शीर्ष अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद से वो गायब हैं। ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस चीन को इन खेलों में राजनयिकों को न भेजने का समर्थक माना जा रहा है। समाचार एजेंसी ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ट्रस के मुताबिक, ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व राजदूत कर सकता है, लेकिन कोई अन्य अधिकारी इसमें शामिल नहीं होगा। इससे ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उनका प्रशासन बीजिंग में 2022 विंटर ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार पर विचार कर रहा है। जबकि चीन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओलंपिक के राजनीतिकरण से दुनिया में वैश्विक खेलों को नुकसान पहुंचेगा। हालांकि चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा है कि खेलों का राजनीतिकरण करना ओलंपिक भावना का उल्लंघन है। यह सभी एथलीट के हितों को कमजोर करता है। वहीं, चीनी विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा है कि अमेरिका शिनजियांग में नरसंहार को लेकर चीन पर जबरन झूठा आरोप लगा रहा है। 2022 विंटर ओलंपिक्स और बीजिंग पैरालंपिक दुनिया भर के एथलीटों के लिए मंच है और ये खिलाड़ी आगामी खेलों के असली नायक हैं।
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