एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले तीन सालों से कोरोना महामारी की चपेट झेल रही दुनिया के लिए राहत की खबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी के दायरे से बाहर कर दिया है। हालांकि, डब्लूयएचओ ने कोरोना को अभी ग्लोबल हेल्थ थ्रेट माना है।
शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) ने कोरोना वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की कैटेगरी से बाहर कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि अब कोरोना हेल्थ इमरजेंसी नहीं है, लेकिन यह हेल्थ थ्रेट है। इसका बचाव करना जरूरी है। कोरोना को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी को हटाने का फैसला पिछले एक साल से कोरोना के मामलों में आये गिरावट को देखते हुए लिया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लयूएचओ) के महानिदेशक डॉ टेड्रोस ने बताया कि इमरजेंसी कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया कि कोरोना अब वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी नहीं है। कमेटी की 15वीं बैठक के बाद मुझसे सिफारिश की गयी कि मैं दुनिया में कोविड-19 के वैश्विक हेल्थ इमरजेंसी की कैटेगरी से बाहर कर दूं। कमेटी की सिफारिश को मैंने मानते हुए यह घोषणा की है। डब्लयूएचओ ने जनवरी 2020 ने ग्लोबल हेल्थ इमजरेंसी घोषित किया था
बता दें कि डब्लूयएचओ ने 30 जनवरी 2020 को कोविड-19 को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। जनवरी 2020 में चीन में कोरोना के 100 से कम केस आने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया था। हालांकि, डब्लूयएचओ ने कोरोना को अभी ग्लोबल हेल्थ थ्रेट के दायरे में रखा है।
डब्लयूएचओ के मुताबिक, कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना से बचाव और सुरक्षा जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दुनिया में कोरोना से 70 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
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