टीम एबीएन, रांची। औषधि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, बीआईटी, मेसरा 12 अप्रैल, 2023 को एसईआरबी-सशक्तिकरण और विज्ञान में उत्कृष्टता के लिए इक्विटी अवसरों की वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (एसएसआर) नीति के तत्वावधान में एक दिवसीय अनुसंधान सुविधा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
अनुसंधान परियोजना जिसका शीर्षक है: डायबिटिक घाव के इलाज के लिए वर्बोस्कोसाइड लोडेड टॉपिकल फॉर्मूलेशन के विकास की दिशा में क्यूबीडी आधारित दृष्टिकोण और यंत्रवत अध्ययन। इस शोध परियोजना का उद्देश्य क्लेरोडेंड्रम की प्रजातियों से मधुमेह के घाव के उपचार के लिए उपन्यास फार्मास्युटिकल फॉमूर्लेशन विकसित करना है।
इस अवसर पर परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ विश्वातृश सरकार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को गुणवत्ता के आधार पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन के डिजाइन से संबंधित विभाग में अत्याधुनिक शोध सुविधा से अवगत कराना है। डिजाइन प्रक्रिया।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ-साथ बीआईटी के शोध विद्वानों के 10 प्रतिभागी कार्यशाला में भाग लेंगे और मधुमेह के घाव के इलाज के लिए फार्मास्युटिकल फॉमूर्लेशन में उभरते रुझानों और नवाचारों के बारे में जानेंगे। उक्त जानकारी औषधि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, बीआईटी, मेसरा के सहायक प्रोफेसर डॉ विश्वातृश सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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