एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना वायरस महामारी की वजह से लाखों की संख्या में युवा बेरोजगार हो गए हैं। बेरोजगारी को लेकर पड़ोसी मुल्क की हालत का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि एक वैकेंसी के लिए 20 गुना अधिक आवेदन आ रहे हैं।चीनी एयरलाइंस कंपनी हैनान की ओर से निकाली गई नौकरियों के लिए कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है।
रॉयर्टस की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल बाद देश में सबसे बड़ी हाररिंग करने वाली चीनी एयरलाइंस ने केबिन क्रू की भूमिका के लिए 1000 भर्तियां निकाली है। 1000 वैकेंसी के लिए कंपनी को अभी तक 20 हजार से अधिक आवेदन मिल चुके हैं।
चीनी युवाओं पर बेरोजगारी का दबाव कुछ इस तरह से बढ़ते जा रहा है कि फरवरी में जिनान में कंपनी को जॉब फेयर के दौरान 900 आवेदन मिले थे जिसमें सिर्फ 60 लोगों को ही नौकरी पर रखा गया। मतलब कुल आवेदनों में केवल 6 फीसदी लोगों को ही नौकरी मिल सकी।
रिपोर्ट के मुताबिक चाइना सदर्न जो इस साल 3000 केबिन क्रू को हायर करने की प्लानिंग कर रहा है। हैरानी तो इस बात की है कि नौकरी के लिए हायरिंग शुरू होने से पहले ही कंपनी के पास दिसंबर तक सात गुना अधिक आवेदन आ चुके थे।
चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी से पहले केबिन क्रू के लिए जीतने भी आवेदन आते थे उसमें से 10 फीसदी नौकरी पाने में सफल रहते थे, लेकिन अब इस आंकड़े में काफी गिरावट देखने को मिली है। अब मात्र 6 फीसदी लोगों को भी नौकरी मिल पा रही है।
चीन के नागरिक उड्डयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान देश में फ्लाइट अटेंडेंट की संख्या में भी करीब 11 फीसदी की गिरावट देखन को मिली थी। करीब 11 हजार फ्लाइट अटेंडेंटों की या तो नौकरी चली गई या फिर किसी वजह से उनको खुद नौकरी छोड़नी पड़ी।
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