एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अमेरिका में विश्व व्यापार संगठन को लगभग आईना दिखाते हुए कहा है कि भारत चाहता है, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और अधिक प्रगतिशील बने और सभी देशों की बात सुने, केवल सुनाए नहीं।
सीतारमण बोलीं- उन देशों की सुनी जानी चाहिए जिनके पास कहने को कुछ है
सीतारमण ने यहां शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स की ओर से आयोजित बातचीत के दौरान कहा कि मैं चाहूंगी कि डब्ल्यूटीओ अधिक प्रगतिशील हो, सभी देशों की बात सुने और सभी सदस्यों के प्रति निष्पक्ष रहे।
उन्होंने कहा कि सौभाग्य से मैंने 2014 से 2017 के बीच भारत के वाणिज्य मंत्री के तौर पर डब्ल्यूटीओ के साथ कुछ समय बिताया। सीतारमण ने कहा कि उसे उन देशों की आवाज सुनने के लिए अधिक जगह देनी होगी जिनके पास सुनने के अलावे कहने के लिए भी कुछ अलग है। उन्होंने जोर दिया कि डब्ल्यूटीओ के लिए आज का संदेश अधिक खुलापन होना चाहिए।
भारत में हम कोटा मुक्त, टैरिफ मुक्त व्यापार प्रणाली अमल में ला रहे : वित्त मंत्री
उन्होंने कहा कि अब भारत में कोटा मुक्त, टैरिफ मुक्त व्यापार प्रणाली को अमल में ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए कोई भी देश, चाहे वह अफ्रीका का हो या प्रशांत क्षेत्र का, आकांक्षी हो या कम आया वाला देश हो भारत में निर्यात कर सकते हैं। हम जहां तक संभव हो सके बाजार को खोल रहे हैं।
वित्त मंत्री बोलीं- भारत का ध्यान कौशल विकास और डिजिटलीकरण पर
भारत का ध्यान कौशल और डिजिटलीकरण पर होने जा रहा है ताकि जीवन यापन, पारदर्शिता और अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने में अधिक आसानी हो। सीतारमण ने सोमवार को पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक थिंक टैंक में एक बातचीत में कहा कि सरकार का दृष्टिकोण गरीब लोगों को कम से कम बुनियादी सुविधाओं के साथ सशक्त बनाना है।
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