टीम एबीएन, कोडरमा। सीटू, किसान सभा और खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में देश के लाखों मजदूर किसानों ने बुधवार 5 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसभा आयोजित कर सांप्रदायिक कॉरपोरेट गठजोड़ के जनविरोधी और राष्ट्रविरोधी नीतियों के खिलाफ, मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड निरस्त करने, असंगठित, ठेका और आउटसोर्सिंग कामगारों को प्रतिदिन न्यूनतम 600 रुपये वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने, किसानों को उनके उपज पर एमएसपी दिये जाने की गारंटी करने, मनरेगा में दो सौ दिन का काम और 600 रुपये मजदूरी देने, महंगाई पर रोक लगाने, खाली पड़े सभी रिक्त पदों पर अविलंब बहाली करने, राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने, दवाओं समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने, बिजली अधिनियम संशोधन 2020 वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के उधमों को निजी हाथों में सौंपने का काम बंद करने समेत देश के मेहनतकशों की 14 सूत्री ज्वलंत मुद्दों पर आगामी संघर्ष का एलान किया। जिसके अंतर्गत मई महीने में व्यापक अभियान चलाकर जुन माह में सभी राज्यों की राजधानियों में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा।
रैली में शामिल मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने बताया कि रैली में जीवन जीविका पर मोदी सरकार के बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट संघर्ष का एलान किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रभावी और ऐतिहासिक रैली में देश के मजदूरों और किसानों का एक मंच पर आकर और साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन का एलान करना देश की जनपक्षीय राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है। रैली में कोडरमा जिला सहित झारखंड से करीब दस हजार मेहनतकशों ने हिस्सा लिया।
जिला से किसान सभा के राज्य संयुक्त सचिव असीम सरकार, सीटू से सम्बद्ध आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, कंचन देवी, निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) के नेता प्रेम प्रकाश, नागेश्वर दास, शम्भु पासवान, शिवनंदन भुइयां सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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