एबीएन सेंट्रल डेस्क। बालश्रम, बाल विवाह और बाल दुर्व्यापार जैसी बुराइयों को सामाजिक जागरूकता, शिक्षा व खेल के माध्यम से बच्चों में सजग नेतृत्व क्षमता पैदाकर और उन्हें सशक्त बनाकर खत्म किया जा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन की ओर से आयोजित सत्यार्थी खेल मेला सीजन 2 यही साबित कर रहा है। अभ्रक क्षेत्र में यह खेल मेला 17 फरवरी से शुरू होकर गिरिडीह के गावां प्रखंड में 24 फरवरी को संपन्न हो गया। हफ्ते भर चले इस खेल मेले के फाइनल मुकाबले में बच्चों का जोश देखते ही बनता था।
सत्यार्थी खेल मेला सीजन 2 में 1,920 बच्चों ने 128 टीमें बनाकर अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट खेला। आखिरी दिन फाइनल मुकाबला गागिंदी और सलादिह की टीमों के बीच खेला गया। जिसमें गागिंदी की टीम ने जीत हासिल की। ये सभी बच्चे कोडरमा व गिरिडीह जिले के बाल मित्र ग्राम के हैं। कभी ये बच्चे अभ्रक खदानों में बाल मजदूरी करते थे लेकिन अब सभी शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
बाल मित्र ग्राम, कैलाश सत्यार्थी का एक अभिनव प्रयोग है। इसका लक्ष्य है कि इन गांवों को बाल श्रम, बाल विवाह, बाल यौन शोषण, बाल शोषण और ट्रैफिकिंग से पूरी तरह मुक्त किया जाये। सभी बच्चों का दाखिला स्कूलों में हो और उनमें नेतृत्व गुण विकसित करने के लिए बाल पंचायत का गठन किया जाये।
फाइनल मैच में विशिष्ट अतिथि के रूप में बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल, एस्टी लाउडर के डेविड हिरकोक, मैड हैटर क्रिएटिव की प्रमुख जेन मार्सडेन और स्वतंत्र फोटो जर्नलिस्ट डोमेनिको पुगलीसे मौजूद थे। सभी ने बच्चों के खेल का आनंद लिया और उनका हौसला बढ़ाया।
इस मौके पर गावां के खंड विकास अधिकारी महेंद्र रविदास, बीस सूत्री के अध्यक्ष अजय सिंह, विधायक प्रतिनिधि मुन्ना सिंह, गावां प्रखंड प्रमुख ललिता देवी, पंचायत समिति सदस्य राहुल कुमार, गुलशन आरा, अन्नू कुमारी और मुख्य अतिथि थे। विशिष्ट अतिथि डेविड हिरकोक और गावां के बीडीओ महेंद्र रविदास ने विजेता टीम के खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया।
प्रखंड विकास अधिकारी महेंद्र रविदास ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि जिस प्रकार महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट से अपनी पहचान बनायी है, वैसे ही इन बच्चों को भी आगे बढ़ना है। इन बच्चों को प्रशिक्षण दिलाने के लिए जिला प्रशासन, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के साथ मिलकर कार्य करेगा।
खेल मेला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक ओम प्रकाश पाल ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा, बच्चों के बुनियादी अधिकार हैं। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन, सुदूरवर्ती पिछड़े क्षेत्रों में संचालित बाल मित्र ग्रामों के माध्यम से लगातार प्रयासरत है कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का सशक्तीकरण हो सके। आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से हाशिये के बच्चों को भी मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर उपलब्ध हो सके।
बाल मित्र ग्राम और खेल महोत्सव कार्यक्रम के सकारात्मक प्रभाव अब अभरक क्षेत्र में दिख रहा है। बाल मित्र ग्राम के बच्चे, बच्चों के मुद्दों को विभिन्न मंचों पर मजबूती के साथ उठा रहे हैं। पूरा खेल मेला बाल मित्र ग्राम कार्यक्रम के झारखंड में समन्वयक श्री गोविंद खनाल की देखरेख में संपन्न हुआ।
खेल मेला के सफल संचालन के लिए श्री गोविंद खनाल ने बाल पंचायत के बच्चों, नागरिकों और ग्राम पंचायतों को आभार जताया। इस मौके पर जिला समन्वयक कोडरमा मनोज कुमार, जिला समन्वयक गिरिडीह सुरेंद्र पंडित और उदय राय व संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि सत्यार्थी खेल मेला सीजन 1 में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन द्वारा संचालित 521 बाल मित्र ग्राम की 3,600 लड़कियों ने फुटबॉल, कबड्डी जैसी खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया था। दिसंबर-जनवरी माह में यह आयोजन सुरक्षित बचपन मंथ के तहत किया गया था। अधिक जानकारी के लिए जीतेंद्र परमार ने मोबाइल नंबर 8595950825 पर संपर्क करने की अपील की है।
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