टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड अधिविध परिषद रांची एवं सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा का समय नजदीक आ गया है। साथ ही इंजीनियरिंग, लॉ, मेडिकल की परीक्षाएं होगी। हर कोई सफल होना चाहता है और अक्सर देखा जाता है कि परीक्षा के दिनों में बच्चे तनाव में आ जाते हैं। परीक्षा में बेहतर करने के दबाव के चलते वे न तो ठीक से कुछ खा पी सकते हैं और न ही उन्हें नींद अच्छी आती है। इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है जिस कारण कई बार उनके अंक भी कम आते हैं।
बच्चों को परीक्षा के दिनों में तनावमुक्त रहने की बात पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने छात्रों से की हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा का तनाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन किसी तरह से दबाव को जरूरत से ज्यादा लेना चिंताजनक है। ऐसे में परीक्षा फल प्रभावित हो सकता है। पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि कोशिश करें कि घर में शांति का माहौल रहे। तेज आवाज में टीवी चलाना, विवाद करना भी बच्चों के मन को अशांत करता है। जिससे वह पढाई में बेहतर नहीं कर पाते।
ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के परीक्षा को लेकर सक्रिय भूमिका निभाये और परीक्षा केन्द्र तक साथ रहे जिससे उसका आत्मविश्वास गड़बड़ाया नहीं। उन्होंने छात्रों से यह भी अपील की सुबह की पढ़ाई करने से ज्यादा याद रहता है। सुबह शांत व सकारात्मक माहौल भी होता है।
उनका कहना है कि शांत मन ही जीत हासिल करता है और यह विद्यार्थियों पर भी लागू होता है। जो बच्चा शांत मन से पढ़ाई और शांत मन से परीक्षा देकर आएगा वे कभी भी गलती नहीं करेगा। परीक्षा में अक्सर देखा जाता है कि दबाव या जल्दबाजी में बच्चे गलतियां कर जाते हैं। इसलिए न तो दबाव में आना है और न ही अति आत्मविश्वासी होकर परीक्षा देनी है। शांतचित होकर परीक्षा की तैयारी करें और शांत मन से परीक्षा केंद्र में पेपर दें। इससे गलती की गुंजाइश नहीं रहेगी और परीक्षा भी बेहतर होगी। यही सफलता का मूलमंत्र भी है।
पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता का कहना है कि परीक्षा को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। डर हमेशा नकारात्मक सोच लेकर आयेगा। अपनी सोच को सकारात्मक बनाये रखिये। बस अपनी तैयारी पर फोकस रखें। परीक्षा के दिनों में मन में बुरे विचार न आने दें। वैसे भी विद्यार्थी का काम सिर्फ पढ़ना ही है। उसे पढ़ाई के अलावा किसी दूसरी चीज बारे सोचना ही नहीं है। एकाग्रता से पढ़ाई करें, परीक्षा के दिनों में टाइम टेबल नहीं चलता। बस पढ़ना है और बीच-बीच में ब्रेक लेनी है। परीक्षा के पहले रात को पूरी नींद लेनी है ताकि परीक्षा केंद्र में थकान न हों।
परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र को आराम से पढ़ना है और उसके बाद उसका जबाव देना है। उन्होंने आगे कहा है कि अक्सर देखा जाता है कि परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में आते ही अपना आत्मविश्वास खो देते हैं। ऐसा उनमें आत्मविश्वास की कमी से होता है। ऐसी स्थिति में वे उन प्रश्नों के उत्तर भी भूल जाते हैं जो उन्हें अच्छे से याद होते हैं। ऐसी स्थिति से बचने का उपाय है कि वे प्रश्नपत्र को आराम से पढ़ें। एक बार प्रश्न समझ न आये तो उसे दोबारा पढ़ें, जो प्रश्न मुश्किल लग रहा है, उसे छोड़ अगले को लिखें। आसान प्रश्नों को पहले लिखें और जो मुश्किल लगें उनको बाद में लिखें। एक बार लिखना शुरू कर देंगे तो आत्मविश्वास भी बढ़ने लगेगा।
परीक्षा केंद्र में घबराने की जरूरत नहीं है। घर में तैयारी कर परीक्षा देने जायें। एक बात हमेशा याद रखें कि जिंदगी में बेहतर अंक नहीं बल्कि आपका बेहतर प्रदर्शन आपको सफलता दिलवायेगा। बस अपना प्रदर्शन बेहतर करने का प्रयास करें। कोई दबाव न दें।
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