टीम एबीएन, रांची। अंजुमन फोरोग ए उर्दू के तत्वावधान में शनिवार को मेन रोड स्थित होटल सरताज में रांची विवि उर्दू विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ कहकशां परवीन के सम्मान में डॉ कहकशां परवीन का तखलीकी शऊर के विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। दो सत्रों में आयोजित सेमिनार के पहले सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर अहमद सज्जाद ने की। जबकि संचालन डॉ मुर्शीद ने किया।
सेमिनार के पहले सत्र में डॉ मोकम्मल हुसैन द्वारा लिखी गई किताब डॉ कहकशां परवीन फिक्री व फन्नी जहात का विमोचन किया गया। पुस्तक के लेखक डॉ मोकम्मल हुसैन ने अपने संबोधन में डॉ कहकशां परवीन की जीवनी पर संक्षिप्त प्रकाश डाला।
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ सरवर साजिद व्याख्याता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने अपने संबोधन में कहा कि आज उर्दू के बड़े-बड़े विद्वानों को लोग भूलते जाते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उर्दू के सभी विद्वानों को आज सम्मान देने की आवश्यकता है। ताकि नई नस्ल उनकी खिदमात का जान सके।
सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे डॉ अहमद सज्जाद ने अपने संबोधन में डॉ कहकशां परवीन की खिदमात को सराहते हुए डॉ मोकम्मल हुसैन की किताब की तारीफ की। उन्होंने कहा कि किताब से लोगों को डॉ कहकशां परवीन को जानने एवं समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उर्दू के विकास के लिए आगे आने की जरूरत है। सभी लोग अपने अपने घरों में उर्दू अखबार एवं उर्दू रिसाले अवश्य खरीदें।
डॉ कहकशां परवीन ने सम्मान के लिए अंजुमन फरोग ए उर्दू का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उर्दू के विकास के लिए इस तरह के सेमिनार जरूरी है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में उर्दू के विद्वानों की कमी नहीं है। लेकिन आज वह विलुप्त होते जा रहे हैं। आशा है कि अंजुमन फरोग ए उर्दू ऐसे विद्वानों को सम्मानित एवं उर्दू के विकास में बढ़ेगा।
सेमिनार को गुलाम सरफराज पीआरओ झारखण्ड विधानसभा, डॉ मो अय्यूब एचओडी उर्दू विभाग डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि, खुर्शीद परवेज सिद्दीकी, अबरार अहमद, डॉ जेबा एवं महफूज आलम ने भी संबोधित किया। अतिथियों ने अलग राज्य गठन के 22 साल गुजर जाने के बावजूद अबतक झारखंड में उर्दू एकेडमी के गठन नहीं होने पर चिंता जताई।
कहा कि झारखंड में उर्दू एकेडमी नहीं होने के कारण उर्दू के विद्वानों को उचित मंच नहीं मिला रहा है और न ही उर्दू का विकास हो पा रहा है। सभी अतिथियों ने एक स्वर में राज्य सरकार से झारखण्ड में जल्द से जल्द उर्दू अकैडमी के गठन की मांग की।
सेमिनार के दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ सरवर साजिद ने की जबकि संचालन सुहैल सईद ने किया। दूसरे सत्र में शाकिर तस्सनिम एवं अख्तर आजाद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। दूसरे सत्र में विभिन्न कॉलेजों एवं विभागों के छात्र एवं छात्राओं द्वारा मकाल पढ़े गये।
सेमिनार को कामयाब बनाने में अंजुमन फरोग उर्दू के अध्यक्ष मो इकबाल, डॉ गालिब नश्तर, डॉ शाहनवाज खान नमकीन,दानिश अयाज, वसीम अकरम, राशीद जमाल, अब्दुल अहद सहित अंजुमन के अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभायी। उक्त जानकारी अंजुमन फरोग ए उर्दू के अध्यक्ष मो इकबाल (99735 11643) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। बताते चलें कि डॉक्टर मुकम्मल झारखंड विधानसभा में उर्दू शाखा के सहायक हैं।
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