महाशिवरात्रि : भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष दिन

 

राजकुमारी पांडेय

एबीएन सोशल डेस्क। महाशिवरात्रि भारतीयों का एक  प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। माघ फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ है। पहली बार शिव जी प्रकट हुए थे।

पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरंभ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय रूप है) के उदय से हुआ। इसी दिन महादेव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत सहित पूरी दुनिया में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

एक और कथा यह भी है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव विभिन्न 64 जगहों पर प्रकट हुए थे। उनमें से केवल हमें 12 जगहों का नाम पता है। इन्हें हम 12 ज्योतिर्लिंग के नाम से जानते हैं। महाशिवरात्रि के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में लोग दिपस्तम्भ लगाते हैं। 

दीपस्तम्भ इसलिए लगाते हैं कि ताकि लोग शिवजी के अग्नि वाले आनंत लिंग का अनुभव कर सके। यह जो मूर्ति है उसका नाम लिंगोभव, यानि कि जो लिंग से प्रकट हुए हैं। ऐसा लिंग जिसका न आदि और न ही अंत था। महाशिवरात्रि के कई कहानियां हैं इनमें से यह भी है कि माता सती को अग्नि पर समर्पित से महादेव ने तांडव भी इसी दिन किये थे।

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