विकसित भारत की उम्मीद जगाता केंद्रीय आम बजट

 

सुनीता सिंह 

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। 1 फरवरी को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश बजट मोदी सरकार के  सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास नारे को प्रदर्शित करने की कोशिश करती दिख रही है। विपक्षी पार्टियों को लग रहा था कि अगला लोकसभा चुनाव 2024 में है तो यह पूरी तरह लोकलुभावन बजट होगा, लेकिन मोदी जी ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया और बजट को लोकलुभावन और रेवड़ी संस्कृति के विपरीत, देश के विकास को प्राथमिकता देते हुए 70 वर्षों से चली आ रही राजनीतिक बजट के कांग्रेसी संस्कृति पर भी तमाचा जड़ दिया है। इसमें कोई दो मत नहीं है कि भारत के अमृत काल की शुरूआत का यह पहला बजट अगले 25 वर्षों के लिए देश का दिशा तय करेगा, जब भारत आजादी की एक सदी पूरा करेगा।  

वैश्विक महामारी और यूक्रेन तथा रूस के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के बाद भी 2023 -24 वर्ष के लिए भारत की विकास दर 7.0% आंकी गई है, जो सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। इसके अलावा देश में प्रति व्यक्ति आय 2014 से दोगुनी हो गई है, जो 2014 के बाद किये गये प्रभावी उपायों की सफलता को ही साबित करती है। 

देश में लगातार कर का संग्रह बढ़ रहा है, ऐसी स्थिति में बजट में मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। इस बजट में नई कर व्यवस्था में आयकर छूट की सीमा को 7 लाख करने की घोषणा करने को एक ऐतिहासिक कदम कहा जा सकता है। वेतनभोगी वर्ग और 7 लाख या उससे अधिक आय वाले वेतन भोगी पेंशनरों को अब 33,800 रुपये का लाभ मिलेगा। 

यह कर छूट वेतन भोगी और मध्यम वर्ग को अवश्य ही बहुत सशक्त बनाएगी। वहीं, आयकर रिटर्न के लिए औसत प्रोसेसिंग समय अब 93 दिन से घटाकर 16 दिन कर दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर में देखा जाये तो मोदी सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित करके इस क्षेत्र में सरकारी निवेश में 33% की वृद्धि करके एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर ध्यान केंद्रित करते हुए पहली बार भारत इंफ्रास्ट्रक्चर में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश तक पहुंच गया है। 

देखा जाय तो इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्च का अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। आरबीआई के अनुसार, इस तरह के निवेश पर खर्च किये गये प्रत्येक "1 से तत्काल वर्ष में 2.45 रुपए का रिटर्न मिलता है। रेल सेक्टर में 2.40 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की अभूतपूर्व ऐतिहासिक घोषणा की गयी है। इससे रेलवे लाइनों का विस्तार, रेलवे की क्षमता बढ़ाने और यात्री तथा माल परिवहन लागत को कम करने में भी मदद मिलेगी। 

पीएम आवास योजना के लिए मौजूदा बजट आवंटन को रिकॉर्ड 66% बढ़ाकर 79,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। मोदी सरकार का किसानों को सशक्त करने पर लगातार ध्यान रहा है और इस बार के बजट में कृषि ऋण लक्ष्य को 11% बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की है। इसके अलावा पीएम किसान के तहत 11.4 कर और किसानों को 2.2 लाख करोड़ रुपये के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी की घोषणा की गई है। यह किसानों को नए उपकरणों और बीजों की खरीद के माध्यम से अपने कार्यों का विस्तार करने के लिए धन उपलब्ध करायेगा। 

मत्स्य पालन में शामिल लोगों को और सक्षम बनाने के लिए सरकार 6000 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट के साथ पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत एक उप योजना भी शुरू किया जायेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी विस्तार होगा। सरकार एक विशाल डेंटललिस्ट स्टोरेज कैपेसिटी स्थापित करने की भी योजना बना रही है, जो किसानों को अपनी उपज को स्टोर करने और बिक्री के माध्यम से लाभकारी मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगी इस बार के बजट में भारत को बाजरा या श्री अन्ना के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने की व्यवस्था भी की जा रही है। 

वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित एक योजना बेहतर उर्वरकों के साथ किसानों की मदद के लिए पीएम प्रणाम योजना भी शुरू की जाएगी। इसके अलावा सरकार 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सुविधा भी मुहैया करायेगी। मोदी सरकार में युवा सशक्तिकरण पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 की घोषणा की गयी है। इसके माध्यम से अगले 3 वर्षों के भीतर लाखों युवाओं को कौशल विकास का अवसर प्रदान किया जायेगा। जो आन जॉब प्रशिक्षण, उद्योग साझेदारी, नए कौशल प्रशिक्षण और उद्योग की जरूरतों के साथ पाठ्यक्रमों को मिलने पर फोकस के प्रमुख क्षेत्र होंगे। 

अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त करने में मदद करने के लिए 30 कौशल भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र स्थापित किये जायेंगे। नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम में सुधार के साथ देशभर में 47 लाख युवाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पारिश्रमिक मिलता है। इसके अलावा यह उनकी उभरती हुई तकनीक, साफ्टवेयर और डेटा क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम बनायेगा। पारंपरिक शिल्पकारों के कौशल विकास पर केंद्रित एक समर्पित योजना, पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान की भी घोषणा की गयी है। इसके माध्यम से उन्नत कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीकों का ज्ञान और कुशल ग्रीन टेक्नोलॉजी, ब्रांड का प्रचार, स्थानीय और वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। 

मोदी सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए भी अभूतपूर्व कोशिशें चला रखी है। वित्त मंत्री ने महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र (एक बार की छोटी बचत योजना )का प्रस्ताव दिया है। इस योजना में 7.5 प्रतिशत की निश्चित ब्याज दर के लाभ के साथ 2 साल की अवधि के लिए महिलाओं या लड़कियों के नाम पर 2 लाख तक की राशि जमा की जा सकती है। इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं को  मोबिलाइज करने के लिए सरकार 81 लाख स्वयं सहायता समूह को धन का विस्तार करेगी।  

ताकि उन्हें बड़े उत्पादक उद्यमों और समूहों में अपग्रेड किया जा सके। और इसके साथ ही महिलाओं को पूर्व में घोषित नीतियों का लाभ भी मिलता रहेगा। जो महिलाओं को और भी अधिक मजबूत करेगा। जनजातीय विकास और सशक्तिकरण भी मोदी सरकार के लिए बहुत प्रमुख विषय रहा है। बजट में आवास, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, सड़क और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं तक पहुंच में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 15000 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट के साथ पीएमवी टीजी विकास मिशन की घोषणा की गई है। इसके अलावा 3.5 लाख आदिवासी छात्रों की सेवा करने वाले 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 38,800 शिक्षकों की भर्ती भी की जायेगी। 

इससे आदिवासी वर्गों को अपने जीवन स्तर को सुधारने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। वहीं, केंद्रीय केंद्रीय बजट 2023 में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को अब तक का सर्वाधिक आवंटन 6,359. दशमलव 14 करोड़ रुपए का प्रदान किया गया है। इसी के साथ पर्यावरण को भी बजट में विशेष महत्व दिया गया है। जिससे वैश्विक पर्यावरण संरक्षण को एक नया मुकाम मिलेगा। 

भारत ग्रीन इकोनामी बनाने और कार्बन तटस्थ देश प्राप्त करने की दृष्टि से प्रयासरत है। इस संबंध में बजट में ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में प्राथमिकता पूंजी निवेश के रूप में 35 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। इसके अलावा प्रभावी ढंग से रीसाइक्लिंग और पुन: उपयोग के लिए 500 वेस्ट टू वेल्थ प्लांट स्थापित किया जायेगा। इसके लिए "10 हजार करोड़ के निवेश के साथ एक नई योजना, गोवर्धन की घोषणा भी की गयी है। 

इसके अलावा छोटे-छोटे सभी क्षेत्रों की भागीदारी को बजट में सुनिश्चित किया गया है और सभी के भागीदारी के साथ भारत के विकास का जो रोड मैप तैयार हुआ है, उसमें 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बजट कारगर साबित होगी। 

आज जब पूरे विश्व की निगाहें भारत पर हैं क्योंकि हमारा देश जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है,तब अवश्य ही यह बजट भारत को विकसित देश बनाने और पूरे विश्व में भारत की भूमिका को मजबूत करने में एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा। (लेखिका झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य हैं।)

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