6.5 करोड़ पीएफ खाताधारकों को जोर का झटका, जानें क्यों...

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रोविडेंट फंड या भविष्य निधि खाते में हर नौकरीपेशा का खाता होता है। यह लाजमी भी है और सेविंग की दृष्टि से काफी अहम भी। सरकार भी चाहती है कि लोग इस खाते का भरपूर उपयोग करें और लोग भी चाहते हैं कि वे इस खाते का पूरा उपयोग करें। 

लोगों की दृष्टि में यह सबसे ज्यादा ब्याज देने वाला खाता है, जबकि सरकार की नजर में वह सामाजिक दायित्व को पूरा करने का एक माध्यम बना हुआ है। 8 मार्च को होली है और पीएफ से जुड़े 6.5 करोड़ खाताधारकों को सरकार की ओर से तोहफा मिलने की उम्मीद है, लेकिन इंतजार लंबा होता जा रहा है और अब अनिश्चितता के बादल छा गये हैं।  

पीएफ खाताधारकों को डर लगने लगा है। इपीएफओ विभाग द्वारा अभी तक 21-22 का ब्याज डाला नहीं गया है, जबकि 22-23 का साल भी पूरा होने जा रहा है। कहा जा रहा है कि 31 मार्च 22 तक जो भी गुणा भाग किया जाना चाहिए था, वह हो चुका होगा, लेकिन ब्याज क्यों नहीं डाला गया। इसका सटीक जवाब अभी तक कोई नहीं दे रहा है। 

सरकार से भी इस बारे में सवाल पूछा जा चुका है। सरकार की ओर से यह कह दिया जा रहा है कि यह विभाग का काम है और विभाग पूरी स्वतंत्रता के साथ यह काम करता है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। वहीं, जानकारों का कहना है कि सरकार ने बजट 2021 में यह घोषणा की थी कि यदि पीएफ के खाते में 2.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा रकम जमा की जाती है तब इस अर्जित होने वाले ब्याज पर टैक्स देय होगा। 

वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए सीमा 5 लाख रुपये सालाना कर दी गई है। अब बताया जा रहा है कुछ ऐसे ही बदलावों के लिए ईपीफओ के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। इसकी टेस्टिंग चल रही है, जिसकी वजह से अभी तक ब्याज ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है। जानकारों का यह भी कहना है कि इस सॉफ्टवेयर में बदलाव का काम देरी से शुरू हुआ और काम में समय लगने की वजह से यह देरी हो गई है।   

वहीं, इस बारे में जब एढऋड विभाग के सरकारी अधिकारियों से पूछा जाता है तब वह भी साफ सीधा उत्तर देने में असमर्थ हो जाते हैं। उनके पास भी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि आखिर कब तक लोगों को खाते में पैसा आएगा। वहीं दूसरी तरफ खाताधारकों को सब्र का बांध टूटता जा रहा है। उनके मन में तमाम तरह के सवाल घर कर गए हैं और जवाब कहीं नहीं मिल रहा है। 

बता दें कि 12 मार्च 2022 को ईपीएफओ विभाग द्वारा 8.10 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की संस्तुति की गई थी जिसे वित्तमंत्रालय ने जून 2022 में अप्रूव कर दिया था। बता दें कि यह ब्याज दर 20-21 के लिए 8.5 प्रतिशत तय किया गया था।  

अब माना जा रहा है कि सरकार की ओर से पीएफ खाताधारकों को होली से पहले फरवरी के अंत तक ब्याज मिल सकता है। अभी भी यह आस बंधी हुई है। ईपीएफओ की ओर से पीएफ खाताधारकों के खाते में उनकी जमा पर ब्याज ट्रांसफर किया जा सकता है। पहले माना जा रहा है था कि दिसंबर माह में यह रकम खाते में आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

इसके बाद कहा जाने लगा कि बजट से यह काम पूरा कर लिया जाएगा लेकिन किन्हीं कारणों से यह नहीं हो पाया। लेकिन अब होली की तारीख का इंतजार है। लोगों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते की घोषणा के साथ ईपीएफओ भी खाते में ब्याज डालने का ऐलान कर सकता है।  

बता दें कि 2020-21 में पीएफ पर ब्याज दरें 8.5 प्रतिशत की घोषणा की गई थी। लेकिन यह पैसा दिसंबर में खाते में डाला गया था। यानि मार्च में घोषणा होने के बावजूद दिसंबर में खाते में पैसे डाले गए थे। वहीं, 2021-22 में ब्याज की दरें सरकार की ओर से 8।10 प्रतिशत घोषित की गई थी, लेकिन पैसा खाते में अभी तक नहीं डाला जा सका है। 

उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में बजट 2023 में घोषणा में पीएफ खाते से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया है। केंद्रीय बजट 2023 में वित्त मंत्री ने कर्मचारी भविष्य निधि की निकासी के नियमों में बदलाव की घोषणा की है। अब अगर किसी कारणवश 5 साल की अवधि से पहले अपने पीएफ खाते से पैसे निकालना हो और पैन कार्ड लिंक नहीं है, तो ऐसे में अब 30 फीसदी की जगह 20 फीसदी टीडीएस देना होगा। ये नए नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse