टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में बहुत ऐसी समस्याएं हैं जहां सुधार की आवश्यकता है। महतो ने यहां बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची (बीएयू) द्वारा आयोजित एग्रोटेक किसान मेला 2023 के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि हमारा प्रदेश खान खनिजों से संपन्न प्रदेश है।
जब हमलोग एक लोक कल्याणकारी राज्य के रूप में यह कहते है कि हमारा मूल उद्देश्य संरचना निर्माण नहीं बल्कि व्यक्ति का विकास है, तो ऐसी स्थिति में कृषि के बिना झारखंड के लोगों की उन्नति कैसे संभव है। विधानसभा अध्यक्ष ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को साधुवाद दिया और कहा कि ऐसे परिचर्चा का विषय जिसका मूल सरोकार राज्य की आम जनता से है बहुत सारी विषयों को जाने समझने का मौका मिलता है।
राज्य भर में कुल 102 वृहद और मध्यम सिंचाई योजनाएं हैं परंतु रखरखाव की कमी के कारण इसकी क्षमता में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। जब झारखंड राज्य में मात्र 12 प्रतिशत भूमि पर सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध है और 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग खेती के लिए मानसून पर ही निर्भर करते हैं। कृषि के क्षेत्र में बड़ी समस्या किसानों पर ऋण का बोझ और एमएसपी का सही प्रकार से लागू नहीं होना है।
श्री महतो ने कहा कि यद्यपि सरकार के द्वारा आवश्यकतानुसार किसानों की समस्याओं को कम करने के लिए विभिन्न योजनाएं लाई गई है। लेकिन जरूरी है कि राज्य के पदाधिकारी इसे ईमानदारी पूर्वक लागू करें। एमएसपी के माध्यम से कृषि उत्पाद के लिए किसानों का उचित मूल्य दिलाना। मानसून पर निर्भरता को कम करना। उन्नत बीजों के लिए किसान भाइयों को प्रेरित करना। किसानों के ऋण बोज को कम करना इत्यादि विषयों पर नीति निर्माताओं को भी हल निकालना पड़ेगा तभी हम किसानों के पसीने का उचित मूल्य दिला पायेंगे। उन्होंने देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के बड़े योगदान की सराहना की।
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