रांची। राज्य के वित्त और खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा है कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। जनता को दिग्भ्रमित करने के लिए इस बात का दुष्प्रचार कर रही है कि राज्य सरकार आदिवासियों, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गा के विकास के लिए योजनाएं बना कर नहीं दे रही है। जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से आदिवासियों, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गाे के विकास के लिए योजनाएं बनाकर बार-बार केंद्र सरकार से राशि मांग रही है, बल्कि पुरानी योजनाओं में ना सिर्फ राज्यांश उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि खर्च से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र भी सौंप दिया गया है। इसके बवजूद केंद्र सरकार से सहायता नहीं मिल रही है। डॉ उरांव ने कहा कि आदिवासियों के जल,जंगल,जमीन का रक्षा कवच भूमि अधिग्रहण कानून को भी भाजपा सरकार बदलकर अडानी और अंबानी के हवाले करना चाहती थी लेकिन संभव नहीं हो सका। यही कारण है कि झारखंड के सभी आदिवासी क्षेत्रों से भाजपा का सफाया हो गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि बीजेपी के नेता और उनके केंद्रीय मंत्री एक झूठ को सौ बार बोल कर उसे सच साबित करने में जुटे है, लेकिन कोरोना काल में झारखंड की जनता ने देखा है कि किस तरह से राज्य सरकार के खाते से आरबीआई के माध्यम से डीवीसी के बकाया भुगतान के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की राशि जबरन काट ली गयी। वरिष्ठ नेता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड की जनता ने यह भी देखा है कि कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर केंद्र से कितनी सहायता मिली, राज्य सरकार ने अपने बलबूते पर सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का काम किया। वहीं पंचायत में रोजगार भी उपलब्ध कराने का काम किया। वरिष्ठ नेता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि यह केंद्रीय मंत्री अनर्गल बयानबाजी छोड़ कर आदिवासियों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के लिए झारखंड सरकार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।
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