एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने अहम फैसला लेते हुए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (के कोविड रोधी वैक्सीन कोवोवैक्स को बाजार में उतारने संबंधी मंजूरी दिये जाने की सिफारिश की है। यह एक बूस्टर खुराक है जो कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दोनों खुराक लेने वाले वयस्कों को ही लगायी जानी है।
आधिकारिक सूत्रों ने कल गुरुवार को इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एसआईआई के निदेशक (सरकारी और नियामक मामले) प्रकाश कुमार सिंह ने हाल में भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को पत्र लिखकर कुछ देशों में कोविड-19 महामारी के बढ़तों मामलों को देखते हुए 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में कोवोवैक्स वैक्सीन के लिए मंजूरी देने की मांग की थी।
बूस्टर डोज के लिए सिफारिश
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने बुधवार को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया और कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक लेने वाले वयस्कों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में कोविड रोधी टीके कोवोवैक्स के लिए विपणन मंजूरी देने को लेकर सिफारिश की थी।
भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने 28 दिसंबर, 2021 को वयस्कों में आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी दी थी और नौ मार्च, 2022 को कुछ शर्तों के साथ 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए मंजूरी दी थी। डीसीजीआई ने सात से 11 साल आयु वर्ग के बच्चों के लिए 28 जून, 2022 को इसे मंजूरी दी थी। कोवोवैक्स को नोवावैक्स से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के जरिए तैयार किया जाता है। इसे सशर्त विपणन मंजूरी के लिए यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने अनुमोदित किया है।
आदर पूनावाला ने जतायी थी उम्मीद
इससे पहले रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदर पूनावाला ने कहा था कि उनके कोवोवैक्स टीके को अगले 10 से 15 दिनों में कोविडरोधी बूस्टर खुराक के तौर पर मंजूरी मिल जायेगी। पूनावाला ने रविवार को यहां भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि टीका कोरोना वायरस के ओमीक्रॉन स्वरूप के खिलाफ बहुत असरदार है। राज्यों और जिलों को कोविशील्ड टीके नहीं मिलने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास आपूर्ति के लिए टीके का पर्याप्त भंडार है।
उन्होंने कहा कि कोवोवैक्स को अगले 10-15 दिनों में बूस्टर खुराक के रूप में मंजूरी मिल जायेगी। यह वास्तव में सबसे अच्छा बूस्टर है क्योंकि यह कोविशील्ड की तुलना में ओमीक्रॉन के खिलाफ बहुत असरदार है। पूनावाला ने कहा कि हर कोई भारत की ओर आशा की नजर से देख रहा है, न केवल स्वास्थ्य सेवा के मामले में बल्कि इसलिए कि देश एक विशाल और विविध आबादी की देखभाल करने में कामयाब रहा है और इसने कोविड-19 महामारी के दौरान 70 से 80 देशों की मदद भी की।
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