टीम एबीएन, दारू। आज पूरे विश्व में शुद्ध पर्यावरण बनाये रखने के लिए जंगलों को संरक्षण दिया जा रहा है। वहीं दारू वन प्रक्षेत्र के सैकड़ों हेक्टयर में फैले घने जंगलों की बेशकीमती लकड़ियों की धुआंधार कटाई रात के अंधेरे के साथ-साथ दिन के उजाले में भी किया जा रहा है। जंगल की कीमती लकड़ियों की कटाई वन विभाग के कर्मी और वन रक्षा दल के लोगों की तस्करों के साथ मिली भगत होने के कारण धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई की जा रही है।
इरगा पंचायत के भंडारवार के जंगलों की लकड़ियों को काटकर जंगल को खोखला कर दिया गया है। तस्कर रात के साथ साथ दिन के उजाले में पेड़ो की कटाई बेफिक्र और निडर होकर करते है जिसके बदले वनकर्मियों को मोटी रकम की प्राप्ति होती है जिससे वे मालामाल हो रहे हैं। भंडारवार के जंगल पहले इतने बीहड़ और घने होते थे कि वहां दिन के उजाले में भी जाने में लोगो को डर लगता था और इन जंगलों में कई तरह के जंगली जानवर विचरण करते थे पर सिमटते जंगलों के बीच ये जानवर लुप्त होते चले गये।
पर्यावरण को बचाये रखना और पेड़ो की रक्षा करना वन विभाग की जिम्मेवारी है लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो पर्यावरण और वनों की रक्षा कौन करेगा, यदि इसी तरह पेड़ों की कटाई होती रहे तो इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ेगा। वन विभाग के द्वारा पिपचो से लेकर भंडरवार लुकाईया आदिवासी बस्ती तक मिट्टी मोरम से सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमें कितने मोटे पेड़ों की कटाई की गई लेकिन कटाई के बाद उन लकड़ियों का क्या हुआ इसका किन्हीं के पास कोई जानकारी नही है।
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