कोडरमा : नगर प्रशासन की जनविरोधी रवैया के खिलाफ हड़ताल पर रहे निकाय कर्मी

 

  • ठेका और आउटसोर्सिंग में मजदूरों का भविष्य सुरक्षित नहीं : संजय पासवान

टीम एबीएन, कोडरमा। राज्यभर में कार्यरत कार्यालय स्टाफ, सफाईकर्मी, सुपरवाइजर, ड्राइवर सहित दस हजार नगर निकाय कर्मियों ने झारखंड सरकार के नगरीय प्रशासन के सेवा निदेशक आदित्य कुमार आनंद के द्वारा यूनियन के नेताओं से नहीं मिलने और निकाय कर्मियों के प्रति जनतंत्र विरोधी रवैया के खिलाफ और दैनिक वेतन कर्मियों को स्थाई करने, आउटसोर्सिंग ठेका व्यवस्था बंद करने, दुर्घटना बीमा का लाभ देने, सामाजिक सुरक्षा के तहत सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने आदि चार सूत्री मांगों के समर्थन में मंगलवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। जिसके कारण कोडरमा बाजार में सफाई नहीं हुई।

 हड़ताल के समर्थन में नगर पंचायत कार्यालय कोडरमा के समक्ष झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले धरना दिया गया। जिसकी अध्यक्षता सियाराम और संचालन पवन कुमार यादव ने किया। धरना को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि देश के मजदूर कर्मचारियों, किसानों और बेरोजगारों को तबाह करने का मोदी सरकार का जनविरोधी एजेंडा जारी है। भारी मुनाफा देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के कल कारखानों, उद्यमों, प्रतिष्ठानों को अपनी चहेते पूंजीपतियों को बेचने, निजीकरण करने और हमारे देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ रेलवे, कोयला, इस्पात और फार्मा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों, भेल, एचएएल, एलआईसी, बैंक, बीएसएनएल और एयर इंडिया जैसे प्रतिष्ठानों को बर्बाद करने पर तुली है। 

आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा में मजदूरों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। कई बार सरकार से निगम कर्मियों के मांगों को लेकर वार्ता की गई और लिखित समझौता होने के बाद भी निकाय कर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। विगत कई वर्षों से नगर निगम कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं। इस दौरान सरकार के द्वारा कई बार कर्मचारियों की मांग को पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

कर्मचारी नेता दिनेश रविदास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का आदेश है कि लगातार दस साल से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाए, उसके बाद भी राज्य सरकार के द्वारा इसे लागू नहीं किया जा रहा है। सफाई कर्मियों के साथ गुलामों के जैसा व्यवहार किया जा रहा है, छुट्टी के दिन भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके खिलाफ आवाज उठाना होगा। 

धरना में अनिल कुमार, कन्हैया कुमार, सन्नी कुमार, विक्की कुमार, बिनोद डोम, सुनील डोम, अवधेश डोम, राधेश्याम दास, तुलसी दास, बालदेव दास, दिलीप राम, सौरभ कुमार दास, मुरारी मनोहर यादव, अशोक भुइयां, रवि कुमार, टुनुवा देवी, मीना देवी, बबीता देवी, लीलो देवी, छोटन भुइयां, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, हिरावन भुइयां, कौशल कुमार, सूर्यकांत रजक, मनीष कुमार, अमर कुमार, परमेश्वर यादव, दीपक कुमार रजक सहित दर्जनों निकाय कर्मचारी मौजूद थे।

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