एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में और भी चीते आने वाले हैं। 20 जनवरी को साउथ अफ्रीका से 12 चीता लाये जाने की योजना है। चीता ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत ये चीते भारत आयेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 चीते के पहले बैच को पिछले साल 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के कुणो नेशनल पार्क में रिलीज किया था।
एक्शन प्लान फॉर रिइंट्रोडक्शन ऑफ चीता इन इंडिया रिपोर्ट में साउथ अफ्रीका, नाम्बिया और अन्य अफ्रीकी देशों से 12-14 चीता को भारत लाये जाने की योजना पेश की गयी थी। वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किये गये एक्शन प्लान में बताया गया है कि इस रिइंट्रोडक्शन का मकसद भारत में चीते की आबादी को बढ़ाना है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि साउथ अफ्रीका के राष्ट्रति सिरिल रामाफोसा ने 12 अन्य चीते के ट्रांसलोकेशन को अप्रूवल दे दी है और अंतिम एमओयू एक सप्ताह में फाइनल होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि यूनियन फॉरेस्ट डायरेक्टर जनरल चंद्र प्रकास गोयल, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन ऑथोरिटी के सेक्रेटरी एसपी यादव और अन्य कुछ अधिकारी 13 जनवरी को दिल्ली से साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होंगे, जो चीते को लेकर वापस लौटेंगे। भारत में चीता के इंपोर्ट से देश में बिग कैट की आबादी बढ़ेगी। इसी महीने इंपोर्ट किये जाने वाले चीते को भी कुणो नेशनल पार्क में ही रिलीज किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने चीता रिट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट के लिए 38.7 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो इस प्रोजेक्ट के लिए पांच साल का बजट है। इससे पहले सरकार ने 29.47 करोड़ रुपये का आवंटन किया था, जिसका इस्तेमाल इंट्रोडक्शन, मैनेजमेंट और मेंटेनेंस पर किया जाना है। भारत में चीते का रिइंट्रोडक्शन सरकार का एक अहम प्रोजेक्ट है। 1952 में भारत सरकार ने चीते को विलुप्त घोषित कर दिया था और अब 70 साल हो गये हैं, जब भारत में चीते ने वापसी की है।
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