खादी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती : समीर कुमार महासेठ

 

टाउन उच्च विद्यालय में खादी मेला 

  • खादी के कपड़े होते हैं आरामदायक और स्वास्थ्यवर्धक : उद्योग मंत्री, बिहार 

टीम एबीएन, भभुआ/ पटना। शहर के टाउन उच्चविद्यालय में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी मेला लगाया गया है जिसका उद्घाटन बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, कैमूर के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ल, स्थानीय विधायक भरत बिंद, बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार, उप विकास आयुक्त डॉ गजेंद्र कुमार सिंह और प्रसिद्ध हास्य कवि शंकर कैमुरी ने किया। उद्घाटन के बाद खादी मेला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि खादी हमारे स्वाभिमान का प्रतीक है। महात्मा गांधी ने जब स्वदेशी का आंदोलन चलाया था तो घर-घर में चरखा चलाने का काम हुआ। घर-घर में कुटीर उद्योग प्रारंभ हुए। इससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। लोग स्वाबलंबी हुए। चरखा और खादी से जो ताकत मिली उसी ताकत के बल पर देश आजाद हुआ। प्रदेश के लाखों लोग खादी और ग्रामोद्योग से रोजगार पाते हैं। 

खादी और कुटीर उद्योगों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली सरकार बिहार के हर युवा को रोजगार देने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत हमने 7800 नए उद्यमियों 10-10 लाख रुपए की सहायता के लिए चयनित किया है। इससे पहले 15000 लोगों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चार-चार लाख रुपए की राशि पहली किस्त के रूप में दी गई। जिन लोगों ने प्रथम किस्त का उपयोग कर लिया उन्हें दूसरा किस्त भी दे दिया गया है और दूसरे किस्त की उपयोगिता का प्रमाण पत्र देने वाले उद्यमियों को तीसरा किस्त भी दे दिया गया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पिछले 4 महीनों में 1000 से अधिक नए उद्योग खुल चुके हैं। 14000 उद्योग लगाए जाने की प्रक्रिया में हैं। हर उद्योग में 5 से 10 लोगों को रोजगार मिला है। हम चाहते हैं कि बिहार के युवा बिहार में ही काम करें। 

बिहार में ही उद्योग लगाएं और अपने गांव समाज के दूसरे लोगों को भी रोजगार दें। उद्योग विभाग की हर योजना का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा नए उद्योग स्थापित हों। कैमूर जिला के युवा भी कमर कस लें। विभाग द्वारा उन्हें हर प्रकार की मदद दी जाएगी। खादी मेला और हैंडलूम मेला लगा कर उन्हें मार्केटिंग का अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा खादी मॉल के माध्यम से मार्केटिंग में मदद दी जाएगी। उन्होंने युवा उद्यमियों से कहा कि उद्योग के लिए मिलने वाले ऋण को खैरात नहीं समझे। योजना चाहे जो भी हो, सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता का उपयोग नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए करें। जिलाधिकारी नवदीप शुक्ल ने कहा कि कैमूर जिला में उद्योगों की स्थापना के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश हो रही है। सभी बैंकों को पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसे कार्यक्रमों के तहत लक्ष्य के अनुसार ऋण स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया है। जो बैंक लक्ष्य के अनुसार ऋण की स्वीकृति नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड द्वारा सहायता दी जा रही है। भभुआ का खादी मेला भी एक ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से खादी वस्त्र के उत्पादकों को बाजार मुहैया कराया जा रहा है। ऐसा मेला मोतिहारी और गया में भी लगाया जा चुका है। अगला मेला पूर्णिया में लगाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि शंकर कैमुरी ने किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के कार्यकारी महाप्रबंधक बृजेश कुमार, डिप्टी कलेक्टर पम्मी रानी, जिला जनसंपर्क अधिकारी सत्येंद्र त्रिपाठी, अभय कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह आदि भी मौजूद रहे।

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