बेमिशाल रहे हेमंत सोरेन सरकार के 3 साल

 

  • कुछ निर्णय जिसका विपक्ष के पास भी नहीं राजनीतिक काट!

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने अपने कार्यकाल के 3 साल पूरे कर लिये हैं। 29 दिसंबर 2019 को महागठंबधन की जीत के बाद हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार गठन के तीन साल को भले ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा सुपर फ्लॉप बता रही हो; मगर यह बात साफ तौर पर कही जाती है कि हेमंत सोरेन की कई योजनाओं और निर्णय का राजनीतिक काट बीजेपी के पास भी नहीं है।

हेमंत सोरेन सरकार के तीन साल : हेमंत सोरेन सरकार में लिये गये कुछ खास निर्णय जिसका राजनीतिक काट विपक्ष के पास नहीं है। 
पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान : लंबे समय से आंदोलनरत पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान किया। राज्य के 72 हजार पारा शिक्षकों के लिये सहायक अध्यापक नियुक्ति नियमावली लागू की गयी। 50 हजार पदों का सृजन भी शिक्षा विभाग ने कर दिया है। 
झारखंड में पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत : इस योजना से करीब 1 लाख 10 हजार सरकारी कर्मियों को लाभ मिलना तय माना जा रहा है और यह हेमंत सोरेन सरकार का मास्टरस्ट्रोक भी कहा जा रहा है।
पुलिसकर्मियों को क्षतिपूर्ति अवकाश-राज्य के 70 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को क्षतिपूर्ति अवकाश का लाभ मिलना तय है। 20 दिनों की क्षतिपूर्ति अवकाश को लेकर अधिसूचना जारी की गयी।
इसके अतिरिक्त झारखंड में यूनिवर्शल पेंशन की शुरुआत की गयी है। अब हर महीने की 5 तारीख को एक हजार रुपया पेंशन शुरू हो गयी है।
झारखंड एसटी/एससी/ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को विदेश में पढ़ने का मौका प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत छात्रवृति में भी बढ़ोतरी की गई है। 

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत छात्राओं को 40 हजार रुपये तक देने की शरुआत की गयी है। वहीं, राज्य के सभी 24 जिलों में खेल पदाधिकारी का पहली बार नियुक्ति की जा रही है।

हेमंत सोरेन सरकार के ऐसे और भी कई निर्णय और सरकार की योजनाएं हैं, जिसको लेकर सत्ताधारी दल अपने तीन साल के कार्यकाल पर इतरा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के का कहना है कि पुरानी पेंशन से लेकर छात्रवृति में इजाफा ही नहीं, 1932 का खतियान, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण और सरना धर्म कोड का प्रस्ताव सदन से पारित कराने में हेमंत सोरेन सरकार ही सफल हो पायी है।

हेमंत सोरेन सरकार ने क्या किया और क्या नहीं इसको लेकर लंबी बहस हो सकती है। किसी को सरकार का काम ही काम दिख रहा है, तो किसी को सरकार की नाकामियां ही नजर आ रही हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक सीपी सिंह भी ये मानते हैं कि हर सरकार कुछ न कुछ काम तो करती ही है। लेकिन, हेमंत सोरेन सरकार जिस काम को लेकर ढोल पीट रही है, उसकी पोल खुल चुकी है। सीपी सिंह कहते हैं कि हेमंत सोरेन सरकार ने निर्णय तो जरूर लिया है पर उसका फायदा राज्य की जनता को मिलेगा नहीं।

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