टीम एबीएन, रांची। रांची में कोरोना संक्रमण का खतरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को राजधानी में दो कोरोना के दो मरीज मिले हैं, लेकिन पेशेंट पर कोविड-19 के किस वैरीअंट का असर है इसकी जांच चल रही है। दोनों मरीज का रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है।
रांची के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार ने कहा कि कोविड-19 के नये वैरिएंट की आहट के बीच अचानक एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई पड़ती है। इस एंबुलेंस में वह मरीज है जिसमें कोविड 19 के लक्षण पाये गये हैं। इस दृश्य को देखने के बाद अचानक से लोग फ्लैशबैक में चले गए कि किस तरीके का वह भयावह मंजर हमने देखा था। आज एक बार फिर उसी दहशत की तस्वीर हम देख रहे हैं। तुरंत ही सारी प्रक्रियाओं के तहत संबंधित पेशेंट को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दरअसल, सदर अस्पताल में एक मॉक ड्रिल किया गया कि आने वाले दिनों में हम कोविड से लड़ने के लिए कितने तैयार हैं। मॉक ड्रिल का जायजा लेने के लिए खुद सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और अपर स्वास्थ्य सचिव सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य को कोविड-19 के नये वेरियनट से डरने की जरूरत नहीं है और राज्य उससे लड़ पाने में सक्षम है इसी के मद्देनजर तमाम व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर लिया गया है। वहीं उन्होंने बताया कि विभाग ट्रेस टेस्ट और ट्रीटमेंट पर भी काम कर रहा है।
वहीं झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार ने बताया कि इस मॉडल के जरिए हमने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जो भी कमी रहे उसे दुरुस्त करने के दिशा निर्देश दिये गये हैं। वहीं अरुण कुमार ने कहा कि सभी जिलों को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है कि वह अलर्ट मोड पर रहे है। वहीं उन्होंने बताया कि वर्तमान में वैक्सीनेशन ड्राइव को भी तेज करने की जरूरत है लेकिन वैक्सीनेशन की कमी से भारत सरकार को अवगत करा दिया गया और वैक्सीन मिलने के साथ ही ड्राइव में तेजी लायी जायेगी।
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