टीम एबीएन, झुमरा (हजारीबाग)। हिंदू जनजागृति समिति द्वारा हलाल सर्टिफिकेशन: एक भारत विरोधी षड्यंत्र विषय पर एक सभा की। सभा को संबोधित करते हुए हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने हलाल जिहाद तथा हलाल अर्थव्यवस्था से आने वाले खतरों से आगाह किया।
उन्होंने बताया कि 2013 से आज तक हलाल अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर की बन चुकी है और इसके द्वारा आतंकवाद को फंडिग की जा रही है। पिछले कुछ समय से भारत में हलाल उत्पादों की मांग की जा रही है और हिंदू व्यापारियों को व्यापार करने के लिए जमियत-उलेमा-ए-हिंद जैसे संस्थांओ से हलाल प्रमाणपत्र लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जब उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक संगठन एफएसएसएआई और एफडीए हैं ही, तो अलग से प्राइवेट संस्था द्वारा हलाल प्रमाणीकरण की आवश्यकता व वैध्यता क्या है?
मुसलमानों द्वारा प्रत्येक पदार्थ अथवा वस्तु इस्लाम के अनुसार वैधता अर्थात हलाल होने की मांग की जा रही है। उसके लिए हलाल सर्टिफिकेट (प्रमाणपत्र) लेना अनिवार्य किया जा रहा है। इसके द्वारा इस्लामी अर्थव्यवस्था अर्थात हलाल इकॉनॉमी को, धर्म का आधार होते हुए भी बहुत ही चालाकी के साथ सेक्युलर भारत में लागू किया जा रहा है। यह हलाल प्रमाणपत्र केवल मांसाहारतक सीमित न रहकर खाद्यपदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन, औषधियां, चिकित्सालय, गृहस्थी से संबंधित आस्थापन और मॉल के लिए भी आरंभ हो गया है। भविष्य में व्यापारी, उद्यमी, नागरिक, समाज व राष्ट्र के लिए बड़ा संकट खडा हो सकता है, इस पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है।
श्री शिंदे ने आगाह किया कि प्रत्येक राष्ट्रभक्त नागरिक का कर्तव्य है कि वह हलाल अर्थव्यवथा के खतरों को समझे, इसका विरोध करें और भारत का भविष्य सुरक्षित बनाने में सहयोग दें। मौके पर मंच संचालक समाजसेवी श्री अशोक कुशवाहा, बलदेव बाबू, विधायक प्रतिनिधि, गणेश प्रसाद, शिक्षक, संदीप प्रसाद, बजरंग दल, इंद्र देव, कुशवाहा, प्रखंड महामंत्री (बीजेपी), अजीत सिंह, सारथी सहायता संगठन के गौतम सिंह, पिंकू कुमार, शंकर कुमार एवं अन्य धर्मनिष्ठ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse