डॉ कमल किशोर गोयनका को उदय राज सिंह स्मृति सम्मान

 

  • नई धारा साहित्य सम्मान
  • तीन साहित्यकारों को मिला नई धारा रचना सम्मान

टीम एबीएन, पटना। हिंदी के कथा सम्राट प्रेमचंद ने प्रगतिशील भारतीय जीवन मूल्यों की एक नई व्याख्या दी है। कथाकार प्रेमचंद की महानता भारतीय जीवन को नकारात्मकता में नहीं, बल्कि सकारात्मकता में देखने और समझने की रही है। वह कवि तुलसीदास की तरह भारतीय  समाज को अमंगल से मंगल की ओर ले जाने के लिए प्रयत्नशील रहे। निश्चित रूप से प्रगतीशील भारतीय जीवन मूल्यों की एक नई व्याख्या प्रेमचंद ने दी है, ये बातें लेखक डॉ कमल किशोर गोयनका द्वारा लिखित आलेख के द्वारा डॉ भावना शेखर के वाचन में कही गयी।

88 वर्षीय सुप्रसिद्ध समीक्षक डॉ कमल किशोर गोयनका को उदय राज सिंह स्मृति सम्मान से नवाजा गया, जो अपनी अस्वस्थता के कारण इस सम्मान समारोह में उपस्थित नहीं थे। भारतीय नृत्य कला मंदिर के सभागार में प्रसिद्ध कथाकार महेश दर्पण, चर्चित व्यंग्यकार सुभाष चंदर और चर्चित कवि शहंशाह आलम को नई धारा रचना सम्मान से विभूषित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध कथा लेखिका उषा किरण खान रहीं। नई धारा पत्रिका के प्रधान संपादक  प्रथमराज सिंह के हाथों सभी चयनित साहित्यकारों को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कथाकार महेश दर्पण ने कहा कि हर कहानी एक झूठ से शुरू होती है और फिर समाज की हकीकत को बयां करते हुए सबको साथ लेकर चलती है। 

व्यंग्यकार सुभाष चंदर ने कहा कि कोई मोटा आदमी अपनी पेट पर प्लेट रखकर खाना खाये तो उससे हास्य उत्पन्न होता है। लेकिन यदि वह व्यक्ति ठेकेदार या इंजीनियर हुआ और उसके बड़े पेट में बड़े-बड़े पुल और सरकारी इमारतें  दिखाई दे, तो व्यंग्य लेखन प्रारंभ होता है। 

मौके पर कभी शहंशाह आलम ने शहनाई सम्राट बिस्मिल्लाह खान को समर्पित कई कविताओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ उषा किरण खान ने कहा कि नई धारा पत्रिका ने साहित्यकारों की कई पीढ़ियों को तैयार किया है। पूरे कार्यक्रम के सूत्रधार नई धारा पत्रिका के संपादक डॉ शिवनारायण रहे। वरिष्ठ कवयित्री रुबी भूषण ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में कई गणमान्य और नए पुराने साहित्यकार उपस्थित रहे। 

उपस्थित साहित्यकारों में वीणा अमृत, दिलीप कुमार, बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता, चंदन, डॉ अलका वर्मा, पंकज प्रियम, सिद्धेश्वर, मीना कुमारी परिहार, रश्मि गुप्ता, श्वेता, शमां कौसर आदि प्रमुख रहे। उदयोत्सव के दूसरे सत्र में मंजरी जरूहार की पुस्तक मैडम सर का विमोचन बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन मंत्री सुनील कुमार ने किया। विमोचन के दौरान पटना वीमेंस कॉलेज की सिस्टर लिसेरिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही।

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