टीम एबीएन, हजारीबाग। विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, झारखंड सरकार ने बुधवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग का दौरा किया। इस निरीक्षण क्रम में उपायुक्त नैंसी सहाय, डीडीसी प्रेरणा दीक्षित, आईएएस प्रशिक्षु शताब्दी मजूमदार मौजूद रहे। भ्रमण के दौरान उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य सहित अन्य व्यवस्थाओं को जांचा। स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के संपूर्ण भवन के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा भवन परिसर में निर्माणाधीन स्टॉफ आवास निर्माण कार्य, हॉस्टल निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ख्याल रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बुधवार सुबह अपर मुख्य सचिव शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, फार्मोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, सेंट्रल लाइब्रेरी, एंभीबियन लैब, फिजियोलॉजी विभाग, हीमोलॉजी, बायो केमेस्ट्री लैब, एएनटी रूम सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल, सर्जिकल वार्ड का दौरा कर वहां दी जा रही व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण कार्य को लेकर कार्यकारी एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाने सहित कार्यों का रोड मैप उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिये। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने मेडिकल कॉलेज में स्टाफ और अन्य सुविधाओं को लेकर प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ से बातचीत की। स्वास्थ्य सचिव ने दिये निर्देश : श्री सिंह ने कहा कि शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना अच्छी है। उन्होने कहा कि कॉलेज प्रबंधन कालेज की सुविधा बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दे। उन्होने कॉलेज परिसर में सीसीटीवी, 24x7 बिजली की व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए बस की सुविधा, सभी स्टॉफ व डॉक्टरों का आवश्यक रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया। उन्होने अध्ययनरत विद्यार्थियों के पाठ्य सामग्री के फिजिकल व डिजिटल मोड में रखने का निर्देश दिया। सदर अस्पताल का भी किया दौरा : स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो तथा मेडिकल सुविधाएं आमजन तक सुलभ हो सके। इस बाबत आज 2 नवंबर को स्वास्थ्य सचिव ने सदर अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होने सदर अस्पताल की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने शिशु वार्ड, जनरल वार्ड, महिला वार्ड सहित नये भवन के आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। ओपीडी में डॉक्टरों की अव्यवस्था पर स्वास्थ्य सचिव खासे नाराज हुए। उन्होने कहा कि जिला सदर अस्पताल में दूर दराज के मरीज आते है उन्हे समुचित इलाज उपलब्ध कराना प्रमुख उद्देश्य है इसलिए उन्होने कड़े शब्दों में चिकित्सकों को बाहर की दवा न लिखकर जेनेरिक दवा लिखने का सख़्त निर्देश दिया। उन्होने ट्रामा सेंटर और नेत्र विभाग कि खामियों को दूर कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य उप निदेशक, मेडिकल कॉलेज सुप्रीटेंडेंट, प्रिंसिपल, सिविल सर्जन, संकायाध्यक्ष व मेडिकल स्टॉफ उपस्थित थे।
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