टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लगातार कड़े फैसले रहे हैं। इस सिलसिले में भ्रष्टाचार में लिप्त और आरोपित 29 लोक सेवकों एवं अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने की अनुमति भ्रष्टाचार निरोधक, ब्यूरो रांची को प्रदान करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने अनुमोदित कर दिया है । यह पूरा मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़ा है। इसमें कई कनीय अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता और संवेदको के खिलाफ अनियमितता के आरोपों को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जाना है। क्या है पूरा मामला : धनबाद जिला अंतर्गत गोविंदपुर और निरसा प्रखंड के पंचायतों में वर्ष 2010-11 और 2013-14 में लगाए गए नलकूप एवं अन्य योजना में अनियमितता से जुड़ा यह मामला है। इससे संबंधित शिकायत पर निगरानी विभाग के द्वारा प्राथमिकी दर्ज है। इनमे संजय कुमार झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, प्रमोद कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, दया शंकर प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता, सुमेश्वर मिश्रा, तत्कालीन कनीय अभियंता, वंश नारायण राम, तत्कालीन कनीय अभियंता, जेम्स विलियम टोपनो, तत्कालीन प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी, विनोद कुमार, मेसर्स विनोद इंटरप्राइजेज, धनबाद, मेसर्स शिवपूजन प्रसाद, धनबाद, संवेदक चंद्रशेखर झा, धनबाद, संवेदक सियाराम राय, धनबाद और संवेदक मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन, धनबाद समेत कई आरोपित हैं।
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